अमन व शांति की दुआ मांगी

Updated at : 17 Jun 2018 4:19 AM (IST)
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अमन व शांति की दुआ मांगी

लोहरदगा : लोहरदगा जिला में खुशियों का पर्व ईद हर्षोल्लास के माहौल में मनाया गया. ईद को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा गया. सुबह से ही लोग एक दूसरे को ईद की मुबारकबाद दे रहे थे. ईदगाह मैदान में ईद की नमाज अदा करनेवालों की भारी भीड़ उमड़ी थी. नमाजियों से पूरा ईदगाह मैदान […]

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लोहरदगा : लोहरदगा जिला में खुशियों का पर्व ईद हर्षोल्लास के माहौल में मनाया गया. ईद को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा गया. सुबह से ही लोग एक दूसरे को ईद की मुबारकबाद दे रहे थे. ईदगाह मैदान में ईद की नमाज अदा करनेवालों की भारी भीड़ उमड़ी थी. नमाजियों से पूरा ईदगाह मैदान भर गया था. अगल बगल के खाली इलाकों में भी बैठ कर लोगों ने ईद की नमाज अदा की. लोग खुदा से अमन, चैन, शांति एवं भाईचारगी की दुआएं मांगीं. खुदा की इबादत में एक साथ हजारो सर झुके. नमाजियो में भी काफी उत्साह देखा गया. ईदगाह के अलावा अन्य मस्जिदो में भी ईद की विशेष नमाज अदा की गयी. यहां भी लोगों की भारी भीड़ उमड़ी

नमाज के बाद लोगों ने एक दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी. ईदगाह के पास मैदान में मेला लगा था. जहां खाने पीने के समान के साथ साथ बच्चों के मनोरंजन की चीजें भी मौजूद थी. मेले में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी. ईदगाह मेले को देख कर लोगो को मुंशी प्रेमचंद की कहानी ईदगाह की याद ताजा हो गई. नये नये परिधानों में सज धज कर लोग ईदगाह पहुंचे है. हर ओर उत्साह का माहौल नजर आ रहा था. जगह-जगह ईद मिलन समारोह का आयोजन किया गया. ईद को लेकर ईदगाह सहित पूरे शहर में सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त किये गये थे. ईदगाह में एसडीपीओ अरविंद वर्मा, सदर थाना प्रभारी शैलेश प्रसाद पूरी व्यवस्था पर निगाह रखे थे.

कैरो प्रखण्ड क्षेत्र में ईद-उल-फितर का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. रमजान महीने में रोजा रखने के बाद शुक्रवार को चांद नजर आया. वहीं शनिवार को क्षेत्र के कैरो, उतका, सढावे, हनहट, चरिमा, नगजुआ, गराडीह, नगड़ा, गुड़ी सहित अन्य गांव के लोगों ने ईदगाह एवं मस्जिद में ईद-उल-फितर की नमाज अदा की. तथा एक दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारक बाद दी . कैरो ईदगाह में नमाज से पूर्व इमाम हजरत मौलाना अबदुल हफीज ने कहा कि हमें इस्लाम के तरीके पर चलना चाहिए. तभी दोनों जहां में कामयाबी मिलेगी रमजान के महीने जो बरकतोंवाला है. हमे उसकी कद्र करनी चाहिए
. कैरो में गंगा जमुनी तहजीब का परिचय देते हुए हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी नमाज के बाद कैरो चाँदनी चौक के सामने अमीरुद्दीन अंसारी के घर में ईद मिलन का कार्यक्रम रखा गया. जिसमें पुलिस प्रशासन, प्रखंड प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधि, राजनीतिक दल के प्रखण्ड अध्यक्ष शामिल होकर एक दूसरे से गले मिलकर आपसी भाईचारे का परिचय देते हुए मीठी सेवइयों का भरपूर आनंद लिया गया. मौके पर बीडीओ मनोज कुमार, थाना प्रभारी रामाशीष पासवान, पंचायत समिति सदस्य शरत कुमार विद्यार्थी, मुखिया पति कलेश महली, भाजपा प्रखण्ड अध्यक्ष कैलाश महतो, कांग्रेस प्रखण्ड अध्यक्ष खलील अंसारी, मौलाना आजाद वेलफेयर सोसाइटी के सदर अलीरजा अंसारी, अंजुमन ईस्लामिया के सदर मुबारक हुसैन, मुस्लिम अंसारी, सरफुल अंसारी, फारूक अंसारी, अमीरुद्दीन अंसारी, जलील अंसारी, मनोज महतो, रोजमत अंसारी सहित अन्य लोग उपस्थित थे.
कुड़ू में ईद हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया
झामुमो का सरकार को अल्टीमेटम – 24 घंटे में स्थिति स्पष्ट करे, सेंगेल का बंद 18 काे
भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल. उबली झारखंड की राजनीति
झामुमो ने 18 को विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों की
बुलायी बैठक, भाजपा और आजसू के विधायकों को भी बुलाया
उद्योगपतियों और भू-माफियाओं के लिए
लूट की व्यवस्था, बिना शर्त वापस ले
प्रतिपक्ष के नेता व पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल पर राष्ट्रपति की मंजूरी संबंधी खबरों पर राज्य सरकार 24 घंटे के अंदर अपनी स्थिति स्पष्ट करे. ऊहापोह की स्थिति है. संशोधन बिल को वापस लेने के लिए झामुमो ने विपक्ष के साथ आंदोलन में भूमिका निभायी. इसे लेकर राष्ट्रपति से भी मिला. अपने आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए हेमंत सोरेन ने कहा : यदि भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल पर मंजूरी की बात सही है, तो राज्य सरकार बिना शर्त कानून को वापस ले. जिस तरह राज्यव्यापी आंदोलन के बाद सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव वापस लिया गया,
वैसा ही आंदोलन किया जायेगा. हेमंत सोरेन ने कहा : राज्य सरकार उद्योगपतियों व भू माफियाअों के लिए जमीन लूटने की व्यवस्था कर रही है. इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है. यदि सरकार ने संशोधन विधेयक वापस नहीं लिया, तो मेरे आवास पर 18 जून को दिन के 12.30 बजे सभी विपक्षी दलों व सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक होगी. भाजपा, आजसू के विधायकों से भी अपील है कि वे राज्यहित में एकजुट हों और बैठक में शामिल होकर गरीब-किसानों को उजाड़ कर उद्योगपतियों को बसाने व भू-माफियाअों को संरक्षण देने की सरकार की कोशिशों को नाकाम करेें.
संशोधन राज्य की भावना के विपरीत है. यह किसान, मजदूर, आदिवासियों के हित में नहीं है. यह विषय राज्य की अस्मिता व पहचान से जुड़ा है.
विपक्षी दलों ने सरकार को घेरा आजसू व जदयू ने भी किया खारिज
जमीन लुटने के लिए बेताब है सरकार, फिर किया साजिश
झाविमो अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि यह सरकार झारखंडियों की जमीन लुटने के लिए बेताब है. सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन करने की पहले कोशिश की गयी. भारी जन दबाव और राजनीतिक दलों के संघर्ष के कारण सरकार सफल नहीं हो पायी. अब एक बार फिर से साजिश की गयी है. भूमि-अधिग्रहण बिल में संशोधन किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं करेंगे. इसका िवरोध करेंगे. दूसरे दलों से बात कर इस पर आंदोलन की रणनीति बनेगी़
कॉरपोरेट को लाभ पहुंचाने के लिए किया है संशोधन
कांग्रेस नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा है कि पूंजीपतियों व काॅरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकार ने भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन कराया है. सरकार ने पेसा एक्ट और पंचायती राज व्यवस्था के विरुद्ध काम किया है. गरीब किसानों की जमीन औने-पौने दाम में जबरन अधिग्रहित कर काॅरपोरेट घरानों को सस्ती दर पर देने लिए संशोधन पास कराया है.
विपक्ष विकास
विरोधी है
भाजपा प्रवक्ता प्रवीण प्रभाकर ने कहा है कि विपक्ष विकास विरोधी है. भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल के मामले में विपक्ष जनता को बरगला रहा है. यह संशोधन कॉरपोरेट नहीं, बल्कि स्कूल-अस्पताल जैसी सरकारी योजनाओं पर लागू होगा. राज्य सरकार ने संसद द्वारा 2013 में पारित भूमि अधिग्रहण कानून के मुआवजा और पुनर्वास के मूल प्रावधानों में कोई बदलाव नहीं किया है. नये प्रस्ताव से ग्राम सभा की सलाह लेते हुए एक समय सीमा में सरकारी योजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण और चार गुना मुआवजा प्रदान करने का कार्य संभव हो पायेगा. इससे प्रभावितों को न्याय मिल पायेगा. विकास की गति तेज होगी और उस क्षेत्र के निवासियों का आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान होगा.
इधर सहयोगी भी विरोध में
जदयू : कृषि योग्य भूमि घटेगी, दूरगामी प्रभाव पड़ेगा
जदयू के प्रदेश प्रवक्ता जफर कमाल ने कहा : इस संशोधन के बाद कृषि योग्य भूमि में कमी आयेगी. पहले ही विस्थापन हुआ है़ लोगों को पुनर्वास नहीं किया गया है़ सरकार को इस कानून पर विचार करना चाहिए़ बहुफसली जमीन का हस्तांतरण नहीं होना चाहिए़
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