शहर में अब तक नहीं बना बस पड़ाव, परेशानी
Updated at : 20 Jan 2018 7:17 AM (IST)
विज्ञापन

लोहरदगा : लोहरदगा नगरपालिका सबसे पुराना नगरपालिका होने का गौरव रखता है. एक जुलाई 1888 को लोहरदगा नगरपालिका की स्थापना की गयी थी. कई तरह के उतार-चढ़ाव को देखने वाला यह नगरपालिका भले ही नगर परिषद में तबदील हो गया लेकिन यहां अभी भी कई सुविधाओं से जनता वंचित है. लोहरदगा शहर में एक बस […]
विज्ञापन
लोहरदगा : लोहरदगा नगरपालिका सबसे पुराना नगरपालिका होने का गौरव रखता है. एक जुलाई 1888 को लोहरदगा नगरपालिका की स्थापना की गयी थी. कई तरह के उतार-चढ़ाव को देखने वाला यह नगरपालिका भले ही नगर परिषद में तबदील हो गया लेकिन यहां अभी भी कई सुविधाओं से जनता वंचित है. लोहरदगा शहर में एक बस पड़ाव अब तक नहीं बन पाया है.
रेलवे की जमीन पर जबरन कब्जा कर बस पड़ाव का रूप दे दिया गया है और इससे नगर परिषद सालाना लगभग 25 लाख रुपये राजस्व के रूप में वसूलती है़ लेकिन सुविधा के नाम पर यहां कुछ भी नहीं है. यात्री प्रतीक्षालय को रैन बसेरा बना दिया गया है. छोटे से स्थान पर बने इस बस पड़ाव को किसी भी दृष्टि से बस पड़ाव नहीं कहा जा सकता है. सरकार ने लोहरदगा में बस पड़ाव निर्माण के लिए नगर परिषद को राशि भी भेजी लेकिन नगर परिषद ने अब तक बस पड़ाव के लिए एक जमीन की तलाश तक नहीं कर पायी. बाहर से लोहरदगा आने वाले लोग पहले ही नजर में लोहरदगा के प्रति नाकारात्मक छवि बना लेते हैं.
बस पड़ाव नहीं रहने के कारण अधिकांश बसें सड़क के किनारे खड़ी होती है. जिसके कारण आये दिन सड़क जाम की समस्या उत्पन्न होते रहती है. राजनीतिक दल के नेताओं ने बस पड़ाव निर्माण के नाम पर जनता को सिर्फ आश्वासन दिया है. जबकि लोहरदगा के बाद गुमला जिला बना और वहां पूर्व सांसद ललित उरांव के नाम पर सुविधा संपन्न बस पड़ाव है.
लेकिन लोहरदगा में बड़े-बड़े नेता होने के बावजूद एक बस पड़ाव का निर्माण नहीं करा सके़ जनता का कहना है कि कहने को तो लोहरदगा के सांसद केंद्रीय मंत्री हैं लेकिन उनके लोकसभा क्षेत्र में विकास के नाम पर अभी भी कुछ नहीं हुआ है. जनता ये सोचने पर विवश है कि आखिर लोहरदगा में कब बनेगा एक बेहतर बस पड़ाव.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




