अमर शहीद वीर कुंवर सिंह की बहन सती रूपण कुंवर की पुण्यतिथि पर उमड़ी श्रद्धा

अमर शहीद वीर कुंवर सिंह की बहन सती रूपण कुंवर की पुण्यतिथि पर उमड़ी श्रद्धा
लोहरदगा़ शहर के गुदरी बाजार स्थित ठुकराईन तालाब के समीप सती स्थल पर बुधवार को सती रूपण कुंवर की पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनायी गयी. इस मौके पर रूपण कुंवर ट्रस्ट के तत्वावधान में धार्मिक अनुष्ठान और हवन का आयोजन किया गया. आचार्य जयशंकर मिश्रा ने विधिवत पूजन कराया, जिसमें मुख्य रूप से लाल ओमकार नाथ शाहदेव और उनकी पत्नी मंजू शाहदेव शामिल हुए. 1857 के विद्रोह की अमिट गाथा : सती रूपण कुंवर का इतिहास 1857 के सिपाही विद्रोह से जुड़ा है. वह महान स्वतंत्रता सेनानी वीर कुंवर सिंह की बहन और लोहरदगा के ठाकुर शहीद जगन्नाथ शाहदेव की धर्मपत्नी थीं. ऐतिहासिक साक्ष्यों के अनुसार, वीर कुंवर सिंह के आह्वान पर ठाकुर जगन्नाथ शाहदेव आंदोलन में कूद पड़े थे. एक अप्रैल 1858 को अंग्रेजों के साथ हुए भीषण संघर्ष में वे वीरगति को प्राप्त हुए. पति की शहादत की सूचना मिलते ही रूपण कुंवर ने अग्नि प्रज्वलित कर स्वयं को सती कर लिया था. आस्था का केंद्र है ठुकराईन तालाब : लोहरदगावासियों के लिए यह सती स्थल गहरी आस्था का केंद्र है. उन्हीं के नाम पर इस तालाब को ””””ठुकराईन तालाब”””” के नाम से जाना जाता है. आयोजन में उदय शेखर, प्रवीण सिंह, डॉ अजय शाहदेव, ओम प्रकाश सिंह, कन्हैया सिंह, अरविंद नाथ शाहदेव, राजेंद्र प्रसाद देव, अजय मित्तल, विजय सिंह, सूरज अग्रवाल, संजय चौहान, संदीप पोद्दार, जयंत सिंह, संजय वर्मन, पहलवान सिंह, दीपक सर्राफ, लाल पंचम नाथ शाहदेव, कौशल मित्तल समेत सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित थे.
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