कैसे पूरे होंगे विकास कार्य व कैसे मिलेगा मजदूरों को काम

Updated at : 08 Dec 2017 1:45 PM (IST)
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कैसे पूरे होंगे विकास कार्य व कैसे मिलेगा मजदूरों को काम

कुड़ू: केंद्र व राज्य सरकार विकास व जन कल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने व समय पर विकास कार्यों को पूरा करने के लिए दावा करते नहीं थक रही है. पर जमीनी हकीकत यह है कि प्रखंड कार्यालय से लेकर अंचल कार्यालय तक, मनरेगा से लेकर समाज कल्याण तक कर्मियों व अधिकारियों […]

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कुड़ू: केंद्र व राज्य सरकार विकास व जन कल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने व समय पर विकास कार्यों को पूरा करने के लिए दावा करते नहीं थक रही है. पर जमीनी हकीकत यह है कि प्रखंड कार्यालय से लेकर अंचल कार्यालय तक, मनरेगा से लेकर समाज कल्याण तक कर्मियों व अधिकारियों की कमी है.

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मनरेगा में रोजगार सेवक से लेकर डाटा इंट्री आॅपरेटर तक, प्रखंड कार्यालय में पंचायत सेवक से लेकर पंचायती राज पदाधिकारी तक, अंचल कार्यालय में राजस्व कर्मचारी से लेकर अंचल निरीक्षक के पद खाली हैं. बताया जाता है कि अंचल कार्यालय के अधीन आठ हलका है. इनमें तीन राजस्व कर्मचारी जगनाथ उरांव, संजय कुमार व रीना कुमारी कार्यरत हैं. अंचल निरीक्षक का पद खाली पड़ा है. तीन कर्मचारियों के भरोसे आठ हलका का काम कैसे होता होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है.

प्रखंड के अधीन14 पंचायत हैं. पंचायत में सरकारी योजनाओं को मूर्त रूप देने में पंचायत सेवक की अहम भूमिका होती है. पंचायत का विकास पंचायत सचिव के जिम्में होता है. प्रखंड के 14 पंचायतों में मात्र पांच पंचायत सचिव हैं, जिनमें नरेश कुमार, धनंजय पांडे, बुदेशवर उरांव, रउफ अंसारी व कंदरू साहू कार्यरत हैं.

पंचायत सचिव के जिम्में 14वें वित्त आयोग की राशि से पंचायत का विकास, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना समेत कई विकास कार्यों को धरातल पर उतारने की जिम्मेवारी है. पांच पंचायत सचिव कैसे 14 पंचायतों का काम देख रहे है व कैसे समय पर विकास कार्य पूरा हो रहा है, यह समझा जा सकता है. कृषि कार्यों के लिए नियुक्त जनसेवकों को पंचायत सचिव बनाया गया है. कृषि कार्य के विकास, किसानों को कृषि सलाह देना छोड़ जनसेवक पंचायत सचिव व प्रधानमंत्री आवास योजना का काम कर रहे है. समाज कल्याण द्वारा संचालित बाल विकास परियोजना के अधीन आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी के लिए प्रखंड में संचालित 152 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए मात्र चार पर्यवेक्षक है. मनरेगा के तहत संचालित विकास कार्यों को ससमय पूरा कराने, मजदूरों को काम दिलाने व समय पर मजदूरी भुगतान कराने के लिए 14 पंचायतों में मात्र 10 रोजगार सेवक, एक बीपीओ, दो कनीय अभियंता, एक सहायक अभियंता कार्यरत हैं. इससे कैसे मजदूरों को समय पर काम मिलेगा व समय पर मजदूरी का भुगतान होगा.

जिला प्रशासन को कराया गया है अवगत

इस संबध में पूछे जाने पर बीडीओ संतोष कुमार ने बताया कि कर्मियों की कमी से जिला प्रशासन को अवगत कराया गया है. सीओ रविश राज सिंह ने बताया कि तीन कर्मचारियों से किसी प्रकार काम कराया जा रहा है. अंचल निरीक्षक का पद प्रभार में चल रहा है.

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