बेतला़ पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के बेतला नेशनल पार्क में सोमवार की सुबह जंगल सफारी के दौरान रांची (इरबा) से आये पर्यटकों के एक समूह को बाघ दिखने से सनसनी फैल गयी. पर्यटक माहताब अहमद और जैनब फलक के परिवारों ने बेतला नेशनल पार्क के रोड नंबर 2 के पास झाड़ियों में बाघ को विश्राम करते देखा. पर्यटकों ने इस दुर्लभ नजारे को अपने कैमरे में कैद किया और इसकी जानकारी पार्क प्रबंधन को दी. हालांकि, झाड़ियां घनी होने के कारण वीडियो बहुत स्पष्ट नहीं है, लेकिन बाघ की मौजूदगी की पुष्टि हो गयी है. दो सप्ताह से मिल रहे थे संकेत : पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर प्रजेश कांत जेना ने बताया कि पिछले दो सप्ताह से बेतला में बाघ की मौजूदगी के संकेत मिल रहे थे. अखिल भारतीय बाघ आकलन की गिनती के पहले दिन ही बाघ के पगमार्क (पंजों के निशान) देखे गये थे. पर्यटकों द्वारा बाघ देखे जाने की पुष्टि के बाद अब पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ कर दी गयी है. आधुनिक तकनीकों, ड्रोन और कैमरा ट्रैप के जरिये बाघ की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है. गांवों में अलर्ट, वनकर्मियों की गश्ती तेज : सूचना मिलते ही रेंजर उमेश कुमार दुबे ने संबंधित स्थल का निरीक्षण किया. बाघ की सुरक्षा और पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए विशेष टीम तैनात कर दी गयी है. रेंजर ने आसपास के ग्रामीणों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और जंगल की ओर न जायें. यदि बाघ गांव की ओर आता दिखे, तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें. इस संबंध में माहताब अहमद, पर्यटक (रांची) ने कहा कि हम बहुत भाग्यशाली महसूस कर रहे हैं. सपने में भी नहीं सोचा था कि बेतला में बाघ के दीदार होंगे. यह हमारे लिए एक अविस्मरणीय अनुभव है. सुरक्षा के कड़े इंतजाम : इस संबंध में पीटीआर प्रबंधन ने 24 घंटे पेट्रोलिंग और संदिग्धों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिये हैं. प्रबंधन बाघ के पंजों के निशान और शिकार किये गये जानवरों की तलाश कर रही है. कैमरा ट्रैप की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि स्पष्ट तस्वीर मिल सके. वहीं लोगों को सफारी के दौरान शोर नहीं करने की हिदायत दी गयी है.
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