करीब पांच हजार छात्रों का नहीं हो सकेगा नामांकन

Updated at : 06 Mar 2016 1:07 AM (IST)
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करीब पांच हजार छात्रों का नहीं हो सकेगा नामांकन

जिले में एक भी सरकारी इंटर कॉलेज नहीं, 12253 छात्रों ने दी है मैिट्रक की परीक्षा लातेहार : मैट्रिक की परीक्षा खत्म हो चुकी है. अप्रैल-मई में परीक्षाफल भी आ जायेगा. लेकिन लातेहार के छात्र इंटर में नामांकन कहां लें, इसे लेकर असमंजस की स्थिति में हैं. लातेहार जिला में एक भी सरकारी इंटर कॉलेज […]

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जिले में एक भी सरकारी इंटर कॉलेज नहीं, 12253 छात्रों ने दी है मैिट्रक की परीक्षा
लातेहार : मैट्रिक की परीक्षा खत्म हो चुकी है. अप्रैल-मई में परीक्षाफल भी आ जायेगा. लेकिन लातेहार के छात्र इंटर में नामांकन कहां लें, इसे लेकर असमंजस की स्थिति में हैं. लातेहार जिला में एक भी सरकारी इंटर कॉलेज नहीं है. ऐसे में छात्रों के समक्ष नामांकन की समस्या है. सामर्थ्यवान बच्चों के अभिभावक अपने बच्चों का रांची या मेदिनीनगर में नामांकन करा देते हैं, लेकिन मध्यम एवं गरीब तबके के बच्चे बाहर दाखिला नहीं ले पाते हैं.
छात्राओं के लिए बाहर रह कर पढ़ना आसान नहीं है. मैट्रिक की परीक्षा पास करने के बाद करीब पांच हजार छात्रों का जिले में नामांकन नहीं हो सकेगा. लातेहार जिला मुख्यालय में जैक से संबद्धता प्राप्त गांधी इंटर महाविद्यालय में संसाधनों का अभाव है. हालांकि विद्यालय का परीक्षाफल संतोषजनक है. यही हाल बरवाडीह के राजा मेदिनीराय इंटर कालेज का है.
झारखंड निर्माण के बाद लगा कि इन महाविद्यालयों का सरकारीकरण हो जायेगा. तीन वर्ष पूर्व मोंगर रोड में यहां एक मॉडल कालेज की आधारशिला रखी थी, लेकिन अभी तक वहां निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका.
गांधी काॅलेज में हैं
मात्र 1024 सीटें
वर्ष 2016 में जिले के 12253 छात्रों ने मैट्रिक कीपरीक्षा दी है. लातेहार जिला में सात प्लस टू एवं दो जैक से संबद्धता प्राप्त इंटर कालेज हैं. लेकिन इनमें एक भी सरकारी नहीं है.
गांधी इंटर कालेज व राजा मेदिनीराय इंटर कालेज में 1024-1024 (कुल 2048) छात्रों का ही नामांकन हो सकता है. जबकि जिले में अवस्थित सात प्लस टू उच्च विद्यालयों के प्रति संकाय में 125 छात्रों का नामांकन संभव है. इस प्रकार जिले के सभी प्लस टू उच्च विद्यालयों में कुल 2625 छात्रों का ही नामांकन हो सकेगा. कुल मिला कर जिले में 4676 छात्रों का नामांकन ही हो सकेगा.
अगर करीब 20 प्रतिशत छात्र अनुत्तीर्ण भी होते हैं तो भी सभी छात्रों का जिले में नामांकन नहीं हो पायेगा. यानी माना जाये कि करीब 10000 छात्र मैट्रिक की परीक्षा में पास किये, तो करीब पांच हजार छात्रों का जिले में नामांकन नहीं हो सकेगा. ऐसे में लोग जिले में सरकारी इंटर कालेज खोलने एवं पहले से संबद्धता प्राप्त इंटर कालेजों में सीट बढ़ाने की मांग करते आ रहे हैं.
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