100 तक गिनती भी नहीं जानते बच्चे
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :19 Feb 2015 2:00 AM (IST)
विज्ञापन

लातेहार : अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के बच्चों को नि:शुल्क आवासीय व्यवस्था के साथ शिक्षा मुहैया कराने के उद्देश्य से जिले में दर्जन भर विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है. लेकिन ये विद्यालय बदहाल हैं. कमरों में रोशनी की व्यवस्था नहीं है. कई विद्यालय भवन तो जीर्ण-शीर्ण हैं. एक ही कमरे में […]
विज्ञापन
लातेहार : अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के बच्चों को नि:शुल्क आवासीय व्यवस्था के साथ शिक्षा मुहैया कराने के उद्देश्य से जिले में दर्जन भर विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है. लेकिन ये विद्यालय बदहाल हैं. कमरों में रोशनी की व्यवस्था नहीं है. कई विद्यालय भवन तो जीर्ण-शीर्ण हैं.
एक ही कमरे में चार कमरे के छात्रों को भेड़-बकरी की तरह रखा जा रहा है. जबकि प्रत्येक माह इन विद्यालयों के संचालन में सरकार का लगभग 30 लाख रुपये व्यय हो रहा है. उपलब्धि के नाम पर भी ये विद्यालय शून्य हैं. कई विद्यालयों के चौथी से छठे तक के विद्यार्थी सौ तक गिनती भी नहीं जानते. पहाड़ा का नाम भी नहीं सुने हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




