लातेहार में फैला है अवैध ईंट भट्ठों का जंजाल, 26 के लाइसेंस, चलाये जा रहे 500

Updated at : 13 Dec 2017 7:46 PM (IST)
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लातेहार में फैला है अवैध ईंट भट्ठों का जंजाल, 26 के लाइसेंस, चलाये जा रहे 500

लातेहार : झारखंड के लातेहार जिले में अवैध ईंट भट्ठों का जंजाल फैला हुआ है. आलम यह है कि सरकार ने जिले में केवल 26 ईंट भट्ठों को संचालित करने के पर्यावरणीय स्वीकृति प्रदान किया है, लेकिन इन दिनों पांच सौ से अधिक ईंट भट्ठों का संचालन किया जा रहा है. सर्वाधिक बालूमाथ एवं हेरहंज […]

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लातेहार : झारखंड के लातेहार जिले में अवैध ईंट भट्ठों का जंजाल फैला हुआ है. आलम यह है कि सरकार ने जिले में केवल 26 ईंट भट्ठों को संचालित करने के पर्यावरणीय स्वीकृति प्रदान किया है, लेकिन इन दिनों पांच सौ से अधिक ईंट भट्ठों का संचालन किया जा रहा है. सर्वाधिक बालूमाथ एवं हेरहंज थाना क्षेत्रों में कोयले का अवैध उत्खनन किया जा रहा है. हेरहंज का घुटाम की 12 क्वायरी में तो बजाप्ता पेलोडर एवं पोकलेन से अवैध उत्खनन की सूचना है.

इसे भी पढ़ें : बंद होंगे अवैध ईंट-भट्ठे : डीसी

प्रखंड विकास पदाधिकारी श्रवण राम ने पिछले शुक्रवार को 14 ईंट भट्ठों की जांच की थी. चौंकाने वाली बात यह है कि बगैर लाइसेंस के ही पाये गये किसी भी ईंट ईंट भट्ठे में कोयला खरीद के कोई कागजात नहीं मिले. बताया जा रहा है कि अवैध कोयले से इन अवैध भईंट भट्ठों में ईंट पकाई जा रही है.

खनन कार्यालय में 65 फिक्स्ड भट्ठा रजिस्टर्ड

जिला खनन कायार्लय के अनुसार, जिले में 65 फिक्स्ड चिमनी ईंट भट्ठा पंजीकृत है, लेकिन मात्र 26 को ही पर्यावरणीय स्वीकृति मिली है. शेष ईंट भट्ठे जुगाड़ से चलाये जा रहे हैं. ईंट भट्ठे के इस अवैध धंधे में लिप्त लोगों की पकड़ इतनी गहरी एवं मजबूत है कि सरकार को वे एक रुपये की भी राजस्व का भुगतान नहीं करते हैं और सालों भर धड़ल्ले से ईंट का निर्माण एवं बिक्री करते हैं.

यहां तक की अवैध धंधेबाज ईंट में अपनी मार्का लगा कर बनवाते हैं और सरकारी योजनाओं में भी सप्लाई देते हैं. संबंधित विभाग इन अवैध ईंट भट्ठों का वाउचर भी पास करके ठेकेदार को भुगतान देते हैं. एक ओर राजस्व का नुकसान तो दूसरी ओर गलत काम को सरकारी मुहर लगाना आम बात हो गयी है.

दिसंबर से मार्च तक धनवर्षा कराते हैं ईंट के भट्ठे

ईंट के व्यापार के लिए दिसंबर से मार्च का महीना स्वर्णिम काल माना जाता है. ठंड को रात में जहां लोग घरों में दुबके रहते हैं. वहीं, अवैध धंधेबाज रात भर कोयले का उत्खनन एवं भट्ठों तक परिवहन में लिप्त रहते हैं. जिला स्तर व प्रखंड स्तर पर गठित टास्क फोर्स भी इन अवैध धंधेबाजों पर कोई कार्रवाई नहीं करते हैं. मालूम हो कि अवैध उत्खनन को रोकने के लिए पुलिस, सिविल प्रशासन, वन एवं खनन विभाग के पदाधिकारियों के दल को टास्क फोर्स में शामिल किया है.

डीएमओ ही अवैध धंधे में शामिल है: डीसी

उपायुक्त प्रमोद कुमार गुप्ता ने कहा कि महज 26 की जगह पांच सौ से भी अधिक ईंट भट्ठे चलाये जा रहे हैं, तो निश्चित रूप से जिला खनन पदाधिकारी की संलिप्तता है. उन्होंने आगे कहा कि जानकारी मिली है, कड़ी कार्रवाई की जायेगी और दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा. गुप्ता ने आगे कहा कि अवैध उत्खनन को रोकने के लिए गठित टास्क फोर्स की निष्क्रियता भी प्रमुख कारण है.

ऐसे अवैध धंधेबाजों को बख्शा नहीं जायेगा: एसपी

पुलिस अधीक्षक प्रशांत आनंद ने कहा कि जिले मे अवैध उत्खनन की सूचना मिल रही है. कार्रवाई भी तेज की जा चुकी है. उन्होने आगे कहा कि ऐसे किसी भी अवैध उत्खनन में शामिल अपराधियों को बख्शा नहीं जायेगा. आनंद ने आगे कहा कि टास्क फोर्स की कार्यों की समीक्षा की जायेगी.

ट्रेनिंग में है डीएमओ

अवैध ईंट भट्ठों के संचालन से संबंधित मामले की पूछताछ के लिए जिला खनन पदाधिकारी सत्यजीत कुमार से फोन पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने फोन रिसिव नहीं किया. कार्यालय कर्मियों ने बताया कि वे ट्रेनिंग में मुख्यालय गये हैं. कार्यालय कर्मियों ने कहा कि 26 भठ्ठों को ही ईसी प्राप्त है.

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