यज्ञ से आध्यात्मिक व वैज्ञानिक दोनों तरह का लाभ है

प्रखंड के तेतरोन पंचायत अंतर्गत ग्राम मतौनी में 1008 श्री शतचंडी महायज्ञ में सैंकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है.
जयनगर. प्रखंड के तेतरोन पंचायत अंतर्गत ग्राम मतौनी में 1008 श्री शतचंडी महायज्ञ में सैंकड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. मौके पर यज्ञाचार्य सह आचार्य बसंत शास्त्री जी महाराज ने कहा कि यज्ञ से कई तरह के फ़ायदे होते हैं, यज्ञ को अग्निहोत्र, देवयज्ञ, होम, हवन, अध्वर भी कहा जाता है. यज्ञ करने से आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दोनों तरह के फ़ायदे होते हैं. उन्होंने कहा कि यज्ञ करने से देवताओं को प्रसन्न किया जा सकता है, यज्ञ करने से मानसिक शांति मिलती है और तनाव कम होता है. उन्होंने बताया कि यज्ञ से पर्यावरण शुद्ध होता है, यज्ञ से वायु, वृष्टि, जल की शुद्धि होती है, यज्ञ से रोग-नाशक औषधियां शुद्ध होती हैं. यज्ञ से घर की हवा शुद्ध होती है, यज्ञ से कुंडली के दोष का निवारण किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि यज्ञ से भगवान का आशीर्वाद मिलता है, यज्ञ से घर की सुख-समृद्धि बढ़ती है, यज्ञ से सकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है. उन्होंने कहा कि यज्ञ से साधक की आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ती है, यज्ञ को सनातन धर्म में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. यज्ञ को वैदिक परंपरा में किसी भी तरह के धार्मिक अनुष्ठान का अहम हिस्सा माना जाता है. यज्ञ को सफल बनाने में यज्ञ समिति के अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष एवं पदाधिकारी, सदस्य एवं सैंकड़ों महिला-पुरुष शामिल थे.
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