महात्मा हंसराज के विचारों को अपनाने की जरूरत : प्राचार्य

Published by : DEEPAK Updated At : 19 Apr 2025 11:00 PM

विज्ञापन

डीएवी पब्लिक स्कूल में महात्मा हंसराज की जयंती मनायी गयी. इस दौरान विद्यालय के प्राचार्य और सभी शिक्षकों ने महात्मा हंसराज की तस्वीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया

विज्ञापन

कोडरमा. डीएवी पब्लिक स्कूल में महात्मा हंसराज की जयंती मनायी गयी. इस दौरान विद्यालय के प्राचार्य और सभी शिक्षकों ने महात्मा हंसराज की तस्वीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया. उसके पश्चात हवन का आयोजन किया गया, जिसमें प्राचार्य, सभी शिक्षकों और बच्चों ने भाग लिया. कार्यक्रम की शुरुआत आराध्या ने अंग्रेजी में उनकी जीवनी पर प्रकाश डाला. वहीं कविता के माध्यम से दृष्णा ने महात्मा हंसराज के त्याग की जानकारी दी. हिंदी में सभ्यता ने महात्मा हंसराज के जीवनी पर प्रकाश डाला. मौके पर प्रश्नोत्तरी का आयोजन लक्ष्मी ने किया. महात्मा जी के सुविचार को छात्रा अनुष्का ने सभी के समक्ष प्रस्तुत किया. साथ ही कक्षाओं में बायोस्केच लेखन, चित्रकला और स्लोगन राइटिंग जैसी प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया. प्राचार्य कृष्ण कुमार सिंह ने कहा महात्मा हंसराज पंजाब के प्रसिद्ध आर्यसमाजी, समाज सुधारक और शिक्षाविद् थे. हंसराज जी का बचपन अभावों में व्यतीत हुआ लेकिन वे बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के थे. उन्होंने पहला डीएवी संस्थान की स्थापना 1 जून 1886 को लाहौर में किया, जो आज विशाल वटवृक्ष के असंख्य शाखाओं के रूप में देश -विदेश में गुणवत्तापूर्ण आधुनिक शिक्षा जो विज्ञान की कसौटी पर कसा गया हो का लोहा मनवा रहा है. उन्होंने महात्मा जी के सादा जीवन और उच्च विचार को जीवन में अपना आदर्श बनाने की बात कही.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
DEEPAK

लेखक के बारे में

By DEEPAK

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola