दो महीने से कहां लापता था ओरमांझी का कन्हैया, पुलिस को कैसे मिला सुराग? जानें A To Z

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Kanhaiya Kumar Case: रांची के ओरमांझी से लापता कन्हैया कुमार को करीब दो महीने बाद कोडरमा के चंदवारा इलाके से सकुशल बरामद किया गया. पुलिस को एक अनजान बच्चे के भटकने की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए कन्हैया को सुरक्षित खोज लिया गया. पूछताछ में सामने आया कि बस यात्रा के दौरान वह भटक गया था और स्थानीय दुकानदार के पास रह रहा था. नीचे पढ़िए कि पुलिस को कैसे सुराग मिला और दो महीने तक कहां रहा?

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Kanhaiya Kumar Case: रांची के ओरमांझी से लापता कन्हैया कुमार सोमवार 19 जनवरी 2026 को कोडरमा के चंदवारा इलाके से सकुशल बरामद कर दिया है. इससे उसके परिजनों को बहुत बड़ी राहत मिली है. लेकिन, इस मामले को सामने आने के बाद अधिकांश लोगों के मन में यह सवाल पैदा होता रहा कि आखिर, नन्हा कन्हैया कुमार करीब दो महीने तक कैसे रहा? क्या खाता था? कहां सोता था? पुलिस को इसका सुराग कैसे मिला? इन सभी सवालों का जवाब पुलिस ने खद ही दिया है. उसने प्रेस रिलीज जारी करके लोगों को बताया कि कन्हैया कुमार की खोज करने के लिए उसने कैसे काम किया और उसे सुराग कैसे मिला?

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कोडरमा एसपी को मिली इन्फॉर्मेशन

कोडरमा पुलिस की ओर से जारी की गई प्रेस रिलीज में बताया गयाा है कि कोडरमा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अनुदीप सिंह को सोमवार यानी 19 जनवरी 2026 की सुबह करीब 9.30 बजे इन्फॉर्मेशन मिली कि चंदवारा थाना क्षेत्र के उरवां की राजा फिश दुकान के आसपास एक अनजान बच्चा इधर-उधर भटक रहा है. कोडरमा एसपी ने इस बात की जानकारी चंदवारा थाना प्रभारी शशिभूषण कुमार को दी. एसपी की ओर से दिए गए इनपुट के बेस पर चंदवारा के थाना प्रभारी बिना किसी देर किए अनजान बालक को उरवां के राजा फिश दुकान के पास से बरामद कर लिया. उन्होंने इस बात की जानकारी कोडरमा एसपी को भी दी.

कैसे गुम हुआ कन्हैया कुमार

चंदवारा थाना पुलिस की ओर से की गई पूछताछ के दौरान पता चला कि उरवां की राजा फिश दुकान के पास से बरामद बच्चा का नाम कन्हैया कुमार है. उसके पिता का नाम अर्जुन साव है. अर्जुन बिहार के हाजीपुर के रहने वाले हैं. फिलहाल, अर्जुन ओरमांझी में अपनी मौसी के घर में रहकर हलवाई का काम करते हैं. हाजीपुर से ओरमांझी जाने के दौरान बस के ड्राइवर ने कन्हैया कुमार को उरवां पुल पर उतार दिया था. इसके बाद कैन्हैया को राजा फिश दुकान चलाने वाले ने कन्हैया को अपने पास रख लिया. पुलिस की पूछताछ में दुकानदार ने बताया कि उसने कन्हैया कुमार को बाद में घर पहुंचाने की बात कहा था.

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रांची पुलिस को कैसे मिली जानकारी

कन्हैया कुमार के लापता होने के बाद कोडरमा पुलिस को इस बात की जानकारी पहले से ही थी कि ओरमांझी का एक बच्चा गुम हो गया है. बच्चे को मिलने के बाद चंदवारा थाना ने ओरमांझी थाना से संपर्क किया. जानकारी मिलने के बाद ओरमांझी थाना के पुलिस अवर निरीक्षक चंद्रदेव सिंह चंदवारा थाना गए. उन्होंने वहां पहुंचकर कन्फर्म किया कि उरवां की राजा फिश दुकान के पास से बरामद बच्चा ही कन्हैया कुमार है. इसे लापता होने के बाद ओरमांझी थाना में 11 दिसंबर 2025 को केस दर्ज किया था, जिसकी कांड संख्या 223/25 दिनांक-11.12.2025 धारा 137(2) बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) है. बच्चे का कन्हैया कुमार के तौर पर कन्फर्मेशन हो जाने के बाद चंदवारा पुलिस ने ओरमांझी पुलिस को बच्चा सौंप दिया.

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