एड्स रोग से नफरत करें, रोगी से नहीं

Updated at : 02 Dec 2016 7:46 AM (IST)
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एड्स रोग से नफरत करें, रोगी से नहीं

कोडरमा :ग्रिजली बीएड कॉलेज के प्रांगण में एनएसएस इकाई द्वारा विश्व एड्स दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत में प्रशिक्षु सोनम द्वारा एड्स की जानकारी दी गयी. इसके बाद इकाई के विभूति द्वारा एड्स विषयक सामान्य ज्ञान की जानकारी दी गयी. प्रिया द्वारा भारत में एड्स की स्थिति के बारे […]

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कोडरमा :ग्रिजली बीएड कॉलेज के प्रांगण में एनएसएस इकाई द्वारा विश्व एड्स दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत में प्रशिक्षु सोनम द्वारा एड्स की जानकारी दी गयी. इसके बाद इकाई के विभूति द्वारा एड्स विषयक सामान्य ज्ञान की जानकारी दी गयी. प्रिया द्वारा भारत में एड्स की स्थिति के बारे में जानकारी दी गयी. छात्रों से प्रण लिया गया कि वे इस महामारी के बारे में जागरूकता अभियान चलाकर जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेंगे.

प्रो. विवेकानन्द पाण्डेय ने कहा कि एड्स एक लाईलाज बिमारी है जिसकी शुरुआत हल्के रोग जैसे मलेरिया, टायफायड आदि से प्रारंभ होती है और टीबी का रूप लेते हुए गंभीर बन जाती है.

शरीर रोग से लड़ने के लिए सक्षम नहीं होता है तथा वह अनेक बिमारियों का घर बनकर रह जाता है. डॉ नरेन्द्र पाण्डेय ने बताया कि आज एड्स के लिए ईलाज उपलब्ध है मगर वे इतने महंगे हैं कि एक आम आदमी इलाज से वंचित रह जाता है. प्राचार्या डॉ संजीता कुमारी ने बताया कि भारत में अगर कोई एड्स पीड़ित व्यक्ति होता है तो समाज उसे घृणा की दृष्टि से देखता है, उसके साथ रूखा व्यवहार कर उस व्यक्ति को समाज से बहिष्कृत कर मरने के लिए छोड़ देता है. ऐसे में यह जरूरी है कि एड्स पीड़ित व्यक्तियों की समुचित सहायता की जाये. ताकि उन्हें यह अनुभव न हों कि वे गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं. समाज, घर-परिवार इन व्यक्तियो से संबंध विच्छेद करता है और साथ ही साथ इन व्यक्तियों के बच्चों के साथ भी घृणा करते हैं. समाज के लोगों को चाहिए कि वे इन व्यक्तियों के साथ घृणा ना कर उचित सम्मान देकर कष्टों का निवारण करें. इस बिमारी के लिए एक ही मूलमंत्र है और वह बचाव है. कार्यक्रम की समाप्ति राष्ट्रगान के साथ की गई. मौके पर प्रोफेसर सीएन झा, डा. चौधरी प्रेम प्रकाश, प्रोफेसर प्रकाश पाण्डेय, प्रोफेसर मृदुला भगत, प्रोफेसर अनुराधा लकड़ा, प्रोफेसर प्रशान्त कुमार, सुरेश सिंह तथा बीएड सत्र 2016-18 के राधाकृष्णन सदन के प्रशिक्षु ज्योति, ओमप्रकाश, दिलीप, उमापति आदि उपस्थित थे.

कोडरमा बाजार. विश्व एड्स दिवस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वाधान में सदर अस्पताल में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. इस दौरान एड्स पीड़ितों को उनके हक और अधिकार की जानकारी दी गई. प्राधिकार के सचिव अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि एड्स एक जानलेवा और लाईलाज बीमारी है. जागरूकता ही इसके बचाव का तरीका है. अधिवक्ता कुमार रौशन ने कहा कि एड्स रोग से नफरत करें, मगर इसके रोगी से नहीं. उन्होंने लोगों को छुआछूत से बचने की सलाह देते हुए संविधान में उनके लिए प्राप्त अधिकार की जानकारी दी.

इसके पूर्व सिविल सर्जन डॉ. बीपी चौरसिया ने एड्स रोगियों के लिए विभाग से संचालित योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी दी. मौके पर पीएलए के चेयरमैन सीताराम प्रसाद, कोडरमा बीडीओ मिथलेश कुमार चौधरी, अधिवक्ता धीरज जोशी, कुमार रौशन आदि मौजूद थे.

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