जाली डिग्री निर्गत मामले में घिरा सामंता एकेडमिक

Updated at : 15 Nov 2016 8:26 AM (IST)
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जाली डिग्री निर्गत मामले में घिरा सामंता एकेडमिक

शिकायत पर डीसी ने डीइओ को दिया जांच करने का आदेश दो लड़कियों को बीएड व बीसीए कराने के नाम पर लिये एक लाख, 42 हजार और दे दिये जाली प्रमाण पत्र कोडरमा बाजार. बीएड व बीसीए की पढ़ाई के बाद जाली प्रमाणपत्र देने के मामले में झुमरीतिलैया में संचालित सामंता एकेडमिक संस्थान सवालों में […]

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शिकायत पर डीसी ने डीइओ को दिया जांच करने का आदेश
दो लड़कियों को बीएड व बीसीए कराने के नाम पर लिये एक लाख, 42 हजार और दे दिये जाली प्रमाण पत्र
कोडरमा बाजार. बीएड व बीसीए की पढ़ाई के बाद जाली प्रमाणपत्र देने के मामले में झुमरीतिलैया में संचालित सामंता एकेडमिक संस्थान सवालों में घिर गया है. संस्थान पर पैसे लेने के बावजूद दो लड़कियों को अलग-अलग यूनिवर्सिटी का जाली प्रमाणपत्र देने का गंभीर आरोप लगा है.
शिकायत कर्ता के आवेदन के बाद डीसी संजीव कुमार बेसरा ने पूरे मामले के जांच के आदेश दिये हैं. डीसी ने इस संबंध में जारी पत्र में डीइओ पीपी झा को एक सप्ताह के अंदर जांच पूरा कर जांच प्रतिवेदन समर्पित करने को कहा है.
जानकारी के अनुसार तिलैया के गुमो वार्ड नंबर 21 निवासी शक्ति कांत सिन्हा एनआइओएस विशेष कार्य पदाधिकारी हैं. उन्होंने उपायुक्त संजीव कुमार बेसरा को बीते दिनों एक आवेदन देकर बताया कि उनकी दो बेटियों ने दीपा सिन्हा व दिव्या सिन्हा अशोका होटल में संचालित सामंता एकेडमिक में बीएड व बीसीए के कोर्स को लेकर पढ़ाई की.
वर्तमान में यह संस्थान आइडीबीआइ बैंक परिसर में तीसरी मंजिल पर संचालित है. एकेडमिक की निदेशक रूपा सामंता ने मेरी बेटी दीपा सिन्हा से बीएड परीक्षा शुल्क के नाम पर एक लाख रुपये लिये. इसके बाद उन्होंने स्वामी विवेकानंद नाम विवि सागर मध्यप्रदेश से बीएड सत्र 2013-14 की डिग्री प्रदान की. बाद में पता चला कि बीएड की जो डिग्री दी गयी है, वह जाली है. यह जानकारी संबंधित विश्वविद्यालय से भी हासिल की गयी, पर वहां से भी यही जानकारी दी गयी. यहीं नहीं मेरी दूसरी बेटी दिव्या सिन्हा से इस एकेडमी की निदेशक ने बीसीए 2015 की परीक्षा के नाम पर 42 हजार ले लिये. परीक्षा श्रीधर विश्वविद्यालय पिलानी राजस्थान के नाम पर ली गयी और जो प्रमाणपत्र दिया गया वह भी इससे संबंधित है, पर जब डिग्री की सत्यता की जांच की गयी तो यह भी जाली निकला. इसकी जानकारी संबंधित विश्वविद्यालय से सूचना के अधिकार के तहत भी प्राप्त की गयी है.
शक्ति कांत सिन्हा ने एकेडमी की निदेशक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उक्त दोनों विश्वविद्यालयों से इनका किसी भी प्रकार का कोई लेना-देना नहीं है. समाज में यह एकेडमी सिर्फ जालसाजी करते हुए षड़यंत्र के तहत छात्रों के भविष्य को बिगाड़ने में जुटी है. यहां कई छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है. यह जांच का भी विषय है. शक्ति कांत सिन्हा ने इस आवेदन की प्रतिलिपि एसपी समेत कई अन्य जगहों पर भेजते हुए एकेडमिक की निदेशक पर धोखाधड़ी, ठगने, जालसाजी का मुकदमा दर्ज करने की भी मांग की है. आवेदन को परिवाद पत्र के रूप में स्वीकार करते हुए डीसी ने पूरे मामले के जांच के आदेश दिये हैं.
आरोप बेबुनियाद, हमारे यहां बीएड का कोर्स ही नहीं : रूपा सामंता
इधर, सामंता एकेडमिक की निदेशक रूपा सामंता ने इस संबंध में पूछे जाने पर बताया कि इस तरह का जाली प्रमाणपत्र जारी करने का आरोप गलत है. संस्थान कोई प्रमाणपत्र जारी नहीं करता.
हम बीएड का कोर्स भी नहीं करवाते. जो प्रमाणपत्र मिला होगा, वह तो संबंधित विश्वविद्यालय से प्राप्त हुआ होगा. जिन दो लड़कियों का नाम बताया जा रहा है, वह मेरे यहां पढ़ाई की है या नहीं यह भी स्पष्ट नहीं है. संभवत: यह काउंसलिंग के लिए आयी होगी. हम इंग्लिस स्पोकेन व कंप्यूटर से संबंधित कुछ कोर्स करवाते हैं. लगाये जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार हैं.
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