पहले रोजगार दें, नहीं तो गोली खाने को तैयार

Updated at : 15 Dec 2015 7:18 AM (IST)
विज्ञापन
पहले रोजगार दें, नहीं तो गोली खाने को तैयार

दो टूक : काई इंदरवा में अवैध खनन पर रोक लगाने को लेकर हुई बैठक में ग्रामीणों ने अधिकारियों से कहा कोडरमा बाजार : लोकाई इंदरवा में कीमती पत्थर ब्लू स्टोन के अवैध उत्खनन पर रोक लगाने को लेकर सोमवार को लोकाई स्थित मैदान में प्रशासनिक अधिकारियों ने एक दर्जन गांव के लोगों के साथ […]

विज्ञापन
दो टूक : काई इंदरवा में अवैध खनन पर रोक लगाने को लेकर हुई बैठक में ग्रामीणों ने अधिकारियों से कहा
कोडरमा बाजार : लोकाई इंदरवा में कीमती पत्थर ब्लू स्टोन के अवैध उत्खनन पर रोक लगाने को लेकर सोमवार को लोकाई स्थित मैदान में प्रशासनिक अधिकारियों ने एक दर्जन गांव के लोगों के साथ बैठक की. बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि वे कोई भी काम नियम के खिलाफ नहीं करना चाहते हैं. सरकार उन्हें रोजगार मुहैया कराये, उसके बाद अवैध उत्खनन हम खुद बंद कर देंगे़ ग्रामीणों ने कहा कि अगर पहले रोजगार नहीं मिला और जबरन खनन कार्य बंद कराने का प्रयास किया गया, तो हम सरकार की गोली खाने को भी तैयार हैं.
इसके पूर्व बीडीओ प्रभाष कुमार दत्ता ने ग्रामीणों से अवैध उत्खनन पर रोक लगाने में सहयोग करने की बात कहते हुए कहा कि खनन से जुड़े सभी मजदूरों के घरों से एक-एक व्यक्ति को मनरेगा के तहत सौ दिन काम दिया जायेगा. इसका मजदूरों ने पुरजोर तरीके से विरोध किया. कहा कि एक-एक घर में पांच से 10 लोग आश्रित होते हैं और मनरेगा में मजदूरी मात्र 168 रुपये मिलती है़
उस पर भी भ्रष्टाचार हावी है. इतने कम पैसे में उनका परिवार का भरण पोषण संभव नहीं है. ग्रामीणों का कहना था कि माइका व ढिबरा गरीबी व रोजगार के अभाव में परिवार के साथ मिलजुल कर चुनते हैं.
उन्होंने कहा कि सरकार हम लोगों के लिए रोजगार की वैकल्पिक व्यवस्था कराये या फिर इसी स्थान पर कोई कल कारखाना खोल दे और खनन कार्य में लगे सभी लोगों को उसमें रोजगार दे दे़ अवैध खनन का कार्य अपने आप बंद हो जायेगा. प्रशासनिक स्तर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने यह भी कहा कि उत्खनन वाले क्षेत्र को वन्य आश्रयणी से हटा दिया जाये़ यह मांग उनकी वर्षों पुरानी है.
वर्ष 2003 में हम लोगों की मांग के बाद प्रशासन के द्वारा केंद्र सरकार को इससे संबंधित प्रस्ताव भेजा गया था. यदि खनन का उक्त क्षेत्र वन्य आश्रयणी से हट जाता है,तो इससे हमें रोजगार भी मिलेगा और सरकार को राजस्व की प्राप्ति होगी. इस पर भी ठोस जवाब नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें बताया गया था कि बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधि विधायक, सांसद आदि भी मौजूद रहेंगे. जब तक प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधि नहीं रहेंगे, तब तक कोई निर्णय नहीं लिया जाये.
इस पर प्रशासनिक पदाधिकारियों ने लोगों को आश्वासन दिया कि अगली बैठक में जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे. अध्यक्षता एसडीओ प्रभात कुमार बरदियार ने की़
हजारों ग्रामीण हुए शामिल
बैठक में सीओ अतुल कुमार, रेंजर प्रमोद कुमार के अलावा भाकपा माले के नेता रामधन यादव, सपा नेता गोपाल यादव, भाजपा नेता बैजनाथ यादव, राजू साव, यमुना यादव, महेश यादव, मुखिया चमारी साव, भगवान दास के अलावा इंदरवा, लोकाई, सलेयडीह, झरीटांड, चितरपुर, ढेबुआडीह, खैरीडीह, बसधरवा, मलियाई, बदडीहा, पुरनानगर, चेचाई आदि गांवों के लगभग चार से पांच हजार ग्रामीण मौजूद थे.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola