सिर्फ पांच दिन का मिला प्रशिक्षण
Updated at : 26 Sep 2015 8:04 AM (IST)
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उजागर .बिरहोरों को प्रशिक्षण दिलाने के नाम पर घपला-3 कोडरमा : जिला मुख्यालय से महज चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित है लोकाई बिरहोर टोला. शहर से सटा होने के कारण अन्य बिरहोर टोलों से यहां की स्थिति व तसवीर ज्यादा अच्छी दिखती है़ बिरहोरों को प्रशिक्षण देने के नाम पर हुई गड़बड़ी की जानकारी […]
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उजागर .बिरहोरों को प्रशिक्षण दिलाने के नाम पर घपला-3
कोडरमा : जिला मुख्यालय से महज चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित है लोकाई बिरहोर टोला. शहर से सटा होने के कारण अन्य बिरहोर टोलों से यहां की स्थिति व तसवीर ज्यादा अच्छी दिखती है़
बिरहोरों को प्रशिक्षण देने के नाम पर हुई गड़बड़ी की जानकारी लेने जब प्रभात खबर की टीम यहां पहुंची, तो और भी चौंकाने वाले तथ्य सामने आये.
बिरहोर टोला में मानती बिरहोरिन ने बताया मात्र पांच दिन प्रशिक्षण मिला था. शुरुआत में एक दिन जब अधिकारी आये और अंतिम में एक दिन. इसके बीच तीन दिन और प्रशिक्षण मिला.
इसके बाद सभी को 50-50 रुपये दिये गये़ और पैसा मिलने की बात कहकर सभी से कागज पर हस्ताक्षर करा लिये गये. यहीं के कोल्हा बिरहोर से जब पूछा गया कि प्रशिक्षण के दौरान खाना कहां खाया थे ,तो उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र में ही खाना खाये थे. कहां से खाना आया था के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन लोगों ने सामान लाकर दिया था़
हम सब ने मिल कर चावल, दाल व सब्जी बना कर खाया था़ गांव के ही सारू बिरहोर, गुप्ता बिरहोर, विमली बिरहोरिन, विनोद बिरहोर, कारू बिरहोर, गुट्टा बिरहोर आदि से जब पूछा गया कि क्या आप लोगों को मार्च माह में रांची बस से ले जाया गया था, तो उनका जवाब था नहीं. बिरहोरों ने कहा कि उन्हें कहीं नहीं ले जाया गया, बस यहीं पर कुछ घंटे मुर्गी, शूकर व बकरी पालन के बारे में बताया गया था.
नहीं मिला तीन हजार स्टाइपेंड
बिरहोरों ने यह पूछे जाने पर कि क्या आपको तीन-तीन हजार मिले हैं, इस पर उन्होंने बताया कि नहीं.सिर्फ 50-50 रुपये मिले हैं. एनजीओ के द्वारा प्रस्तुत बिल जिसे डीडब्ल्यूओ ने पास किया है उसमें 65 प्रशिक्षणार्थी को तीन-तीन हजार स्टाइपेंड दिये जाने का जिक्र है और सभी बिरहोरों का हस्ताक्षर भी. हालांकि इस पर डीडब्ल्यूओ अजीत निरल सांगा का तर्क है कि यह प्री रिसिप्ट है़ भुगतान बाद में होगा.
छोटे से आंगनबाड़ी केंद्र में 65 लोगों को एक साथ प्रशिक्षण
लोकाई बिरहोर टोला स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में एनजीओ प्रगति एजुकेशन एकेडमी की ओर से प्रशिक्षण दिया गया. यहां के एक छोटे से हॉल में एक साथ 65 लोगों को रिसोर्स पर्सन व कोआर्डिनेटर के अलावा जिला कल्याण पदाधिकारी अजीत निरल सांगा की उपस्थिति में उदघाटन के दिन प्रशिक्षण दिया गया. कुल 20 दिन प्रशिक्षण देने का जिक्र है.
इस छोटे से हॉल में कैसे 65 लोग बैठे, यह अपने आप में सवाल है. इसके अलावा प्रशिक्षण सुबह दस बजे से चार बजे तक दिये जाने की बात कही गयी है. सवाल यह भी है कि क्या इतने दिन तक आंगनबाड़ी केंद्र सिर्फ सुबह में ही चला या फिर चला ही नहीं.
क्या कहती है सेविका : सेविका सोनी देवी ने लिखित में कहा है कि कुछ दिन केंद्र में प्रशिक्षण दिया गया, वह भी एक बजे आंगनबाड़ी केंद्र बंद होने के बाद.
सभी दिन उपस्थित थे 65 प्रशिक्षाणार्थी!
एनजीओ के द्वारा 23 जनवरी से 28 मार्च 2015 के बीच अलग-अलग तिथियों में प्रशिक्षण दिये जाने का जिक्र है और इससे संबंधित उपस्थिति पंजी भी संलग्न है. आरटीआइ में मिली जानकारी के अनुसार तीनों ट्रेड के प्रशिक्षण में कुल 65 प्रशिक्षणार्थी हर दिन उपस्थित थे. एक भी दिन कोई अनुपस्थित नहीं रहा. हर दिन सभी की उपस्थिति के आगे पी (प्रजेंट) लिखा है.
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