अगले दो दिनों तक रहेगा उमंग व उल्लास का माहौल, लगेगा मेला

Updated at : 18 Oct 2018 4:12 AM (IST)
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अगले दो दिनों तक रहेगा उमंग व उल्लास का माहौल, लगेगा मेला

झुमरीतिलैया : पूरे अभ्रकांचल में दुर्गापूजा को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है. झुमरीतिलैया शहर सहित अन्य जगहों पर दुर्गापूजा के अवसर पर पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है. विभिन्न पंडाल जहां लोगों का आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. वहीं सभी पंडालों में आकर्षक लाइटिंग की भी व्यवस्था की गयी […]

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झुमरीतिलैया : पूरे अभ्रकांचल में दुर्गापूजा को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है. झुमरीतिलैया शहर सहित अन्य जगहों पर दुर्गापूजा के अवसर पर पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है. विभिन्न पंडाल जहां लोगों का आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. वहीं सभी पंडालों में आकर्षक लाइटिंग की भी व्यवस्था की गयी है.
शारदीय नवरात्र के आठवें दिन विभिन्न पूजा पंडालों में महाअष्टमी को लेकर आदि शक्ति मां भवानी के आठवें स्वरूप महागौरी की पूजा-अर्चना पूरे विधि-विधान से वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुई. विभिन्न मंदिरों, पूजा पंडालों में सुबह से ही पूजा को लेकर महिलाएं, युवतियां पहुंचने लगी. इसका सिलसिला देर शाम तम जारी रहा.
इससे पहले सुबह 10 से 11 बजे तक श्रद्धालुओं ने माता समेत अन्य देवी-देवताओं को पुष्पांजलि किया. इसके उपरांत 12़.30 बजे शुरू हुई संधि पूजा 45 मिनट तक चली. पंडितों की मानें तो संधि बलि के दौरान महाष्टमी व महानवमी का मिलन होता है. इस दिन महिलाएं उपवास भी रखती हैं. संधि पूजा में माता को आठ फल, आठ भाजा व हलवा पूड़ी का भोग लगता है. इस अवसर पर श्रद्धालु 108 दीपक जला कर माता की आराधना करते हैं.
मान्यता है की महाष्टमी में संधि पूजा का व्रत रखने से किसी भी प्रकार का कष्ट नहीं होता है. घरों में सुख समृद्धि का वास होता है. पूजा पंडालों में संधि पूजा के बाद श्रद्धालुओं के बीच माता के भोग का वितरण हुआ. वहीं संध्या में पूजा पंडालो में ढांक के धुन पर हुए महाआरती में भीड़ उमड़ पड़ी. लोग माता के दर्शन के बाद मंडप परिसर में लगे मेले का भी लुफ्त लेते नजर आ रहे हैं.
दुर्गोत्सव को लेकर चारों ओर उत्साह व उल्लास का माहौल है. श्रद्धालु शक्ति की भक्ति में लीन हैं. माता के जयकारों और भजनों की गूंज से पूरा जिला का वातावरण भक्तिमय हो गया है. लोग पंडालों में मां भवानी के दर्शन कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं. अगले दो दिनों तक पूरा जिला शक्ति की भक्ति में लीन रहेगा.
सिद्धिदात्री की उपासना आज
नवरात्र के अंतिम दिन गुरुवार को आदि शक्ति मां भवानी के नौवों स्वरूप सिद्धि दात्री रूप की उपासना की जाएगी. मां सिद्धिदात्री सभी प्रकार की सिद्धियों को प्रदान करने वाली है. मां के स्वरूप की पूजा देव, किन्नर, दानव, ऋषि मुनि, साधक व संसार के सभी मनुष्य नवरात्र के नौवें दिन करते हैं. ऐसी मान्यता है कि मां के इस स्वरूप की पूजा करने से आठों सिद्धियां प्राप्त होती हैं.
माता सिद्धि दात्री की चार भुजाएं हैं. इनकी सवारी सिंह है. माता कमल पुष्प पर विराजमान होती हैं. वहीं नवरात्र के नौवें दिन नौ कन्याओं की पूजा करने का भी अत्यधिक महत्व है. नवरात्र कर रहे सभी श्रद्धालु नवमी के दिन नौ कन्याओं की पूजा कर उनका आशीर्वाद लेते हैं. मान्यता है कि नौवीं के दिन नौ कन्यायों की पूजा करने से माता के नौ स्वरूपों की पूजा का फल मिलता है. घरों में सुख समृद्धि का वास होता है.
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