ePaper

कुड़मियों के तथाकथित नेता सियासी लाभ के लिए अपने ही समाज के लोगों को भटका रहे हैं

Updated at : 14 Oct 2025 7:45 PM (IST)
विज्ञापन
कुड़मियों के तथाकथित नेता सियासी लाभ के लिए अपने ही समाज के लोगों को भटका रहे हैं

आदिवासी सामाजिक संगठनों के आह्वान पर प्रतिकार आक्रोश रैली का आयोजन किया गया.

विज्ञापन

खूंटी. कुरमी-कुड़मी समाज के आदिवासी बनाये जाने की मांग के विरोध में मंगलवार को खूंटी में आदिवासी समन्वय समिति सह समस्त आदिवासी सामाजिक संगठनों के आह्वान पर प्रतिकार आक्रोश रैली का आयोजन किया गया. इस अवसर पर स्थानीय कचहरी मैदान में विशाल सभा का आयोजन किया गया. सभा में हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल हुये. पूरा कचहरी मैदान आदिवासी समाज के लोगों से पट गया था. सभा के बाद कचहरी मैदान से नेताजी सुभाष चंद्र बोस चौक होते हुए डाक बंगला रोड से पुनः कचहरी मैदान तक रैली निकाली गयी. सभा की अध्यक्षता चंद्रप्रभात मुंडा ने की और संचालन सुरजू हस्सा ने किया. अध्यक्ष चंद्र प्रभात मुंडा ने कहा कि बाहरी पूंजीपतियों के इशारे पर कुड़मी समाज के तथाकथित नेताओं के द्वारा राजनीतिक माइलेज लेने के लिए बहकावे में अपने ही कुड़मी समाज के लोगों को भटका रहे हैं. जिससे झारखंड का सौहार्द बिगड़ रहा है. महाराष्ट्र के नागपुर से आये प्रेम गेंडाम ने कहा कि 1965 में बनी लोकुर कमेटी द्वारा एसटी सूची के लिए एक मापदंड तैयार किया है. जिसमें कुड़मी कहीं भी फिट नहीं बैठती है. हम आदिवासियों को भारत वर्ष पर अपनी विशिष्ट पहचान और समन्वय बनाने की जरूरत है. ग्लैडसन डुंगडुंग ने कहा कि 1871-72 से लेकर अब तक जितनी भी जनगणना हुई है, किसी भी जनगणना के इम्पिरियर टेबल में छोटानागपुर वर्तमान झारखंड के कुड़मी समुदायों का नाम एसटी या आदिम जनजाति की सूची में दर्ज नहीं है. कुड़मी द्वारा दिये जा रहे दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर उनका एसटी सूची में शामिल होना असंभव है. पड़हा राजा सोमा मुंडा ने कहा कि आदिवासियों का हक और अधिकार केवल और केवल सामाजिक आंदोलन द्वारा ही बचाया जा सकता है. इसलिए सामाजिक एकता और समन्वय को बनाये रखना अति आवश्यक है. अलेस्टेयर बोदरा ने कहा कि झारखंडी एकता को तोड़ने के लिए कुड़मी समाज को मोहरा बनाया जा रहा है. आदिवासियों की जमीन और जंगल सहित यहां की खनिज संपदा पर कब्जा करने की साजिश के तहत कुड़मियों को उकसाया जा रहा है. सभा को मार्शल बारला, पड़हा राजा सनिका भेंगरा, चुनकु मुंडा, बिरतूस ओड़ेया, जैक जॉन हमसोय, मंगल सिंह मुंडा, डेमका मुंडा, दामू मुंडा, ज्योत्सना केरकेट्टा, शशि पन्ना सहित अन्य ने संबोधित किया. आयोजन को सफल बनाने में अमन तोपनो, विजय संगा, राजेन कुजूर, अनूप मुंडा, अनुपम हस्सा, डेविड हमसोय, बासिंह मुंडा, कुवार मुंडरी सहित अन्य का योगदान रहा.

स्लग ::::: आदिवासी समाज ने निकाली प्रतिकार आक्रोश रैली, वक्ताओं ने कहा

कुरमी-कुड़मी समाज के आदिवासी बनाये जाने की मांग का विरोध

कचहरी मैदान में की गयी विशाल जनसभा, जुटे हजारों आदिवासी

किसी भी जनगणना के इम्पिरियर टेबल में छोटानागपुर वर्तमान झारखंड के कुड़मी समुदायों का नाम एसटी या आदिम जनजाति की सूची में दर्ज नहीं : ग्लैडसन

1965 में बनी लोकुर कमेटी के तय मापदंड में कुड़मी कहीं भी फिट नहीं बैठती है : प्रेम गेंडामB

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
CHANDAN KUMAR

लेखक के बारे में

By CHANDAN KUMAR

CHANDAN KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola