आम के मंजर देख खिले किसानों के चेहरे, 650 मीट्रिक टन आम के उत्पादन का अनुमान
Published by : Mithilesh Jha Updated At : 23 Feb 2025 3:58 PM
खूंटी के तोरपा में आम के पेड़ों पर लगे मंजर. फोटो : प्रभात खबर
Khunti News: खूंटी के तोरपा में आम के मंजर देख किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. उम्मीद है कि इस बार क्षेत्र में 650 मीट्रिक टन आम का उत्पादन होगा.
Khunti News| तोरपा (खूंटी), सतीश शर्मा : खूंटी जिले में पेड़ों पर आम का मंजर देख किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. खासकर जिले के तोरपा प्रखंड के किसानों की खुशी देखते ही बन रही है. प्रखंड में इस बार 650 मीट्रिक टन आम के उत्पादन का अनुमान है. फरवरी के अंतिम सप्ताह में आम के पेड़ों पर मंजर आ गये हैं. मंजर देख किसानों को उम्मीद है कि इस वर्ष आम की अच्छी पैदावार होगी. जमकर आम खाने को भी मिलेगा और इसे बेचकर पैसे भी कमायेंगे. प्रदान संस्था के रवि रंजन और राजू बताते हैं कि सब कुछ ठीक-ठाक रहा, मौसम ने साथ दिया, तो इस वर्ष प्रखंड में 650 मीट्रिक टन से ज्यादा आम का उत्पादन होगा. आम की टहनियों पर लदे मंजर भी इस बात का अहसास करा रहे हैं कि इस बार आम की अच्छी पैदावार होगी.
कई वैराइटी के आम का होता है उत्पादन
तोरपा प्रखंड आम के उत्पादन के लिए अपनी विशिष्ट पहचान रखता है. यहां पारंपरिक ढंग से आम का उत्पादन होता है. साथ ही हजारों एकड़ में व्यवस्थित ढंग से आम की बागवानी की गयी है. तोरपा में कई वैराइटी के आम का उत्पादन होता है. आम्रपाली, मालदा, दशहरी, मलिका के अलावा बीजू आम की भी पैदावार यहां होती है. किसानों का कहना है कि गुरुवार को हुई ओलावृष्टि में तोरपा सहित कई जगहों पर आम के मंजर को नुकसान पहुंचा है. इससे उत्पादन प्रभावित होने की संभावना है.

आम के लिए आते हैं कई जिलों के व्यापारी
तोरपा के आम की बिक्री खूंटी सहित कई जिलों में होती है. खूंटी के अलावा रांची, बोकारो, जमशेदपुर और अन्य जगहों के व्यापारी यहां आकर आम की खरीद करते हैं. झारखंड के पड़ोसी राज्य ओडिशा से भी आम के व्यापारी यहां खरीदारी करने आते हैं.
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1850 एकड़ में हैं आम के बागान
‘बिरसा हरित ग्राम योजना’ के तहत तोरपा प्रखंड के लगभग 4,000 किसान आम की खेती कर रहे हैं. इस योजना के तहत 1850 एकड़ से ज्यादा भूमि पर आम के बगीचे लगाये गये हैं.
आय वृद्धि का अतिरिक्त साधन है आम
प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) नवीन चंद्र झा कहते हैँ कि बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत लगाये गये आम के बगीचे किसानों के लिए लाभदायक साबित हो रहे हैं. यह किसानों की आय वृद्धि में सहायक साबित हो रहा है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्होंने देखा है कि आम की पैदावार ने किसानों की जिंदगी बदली है. यह किसानों को आर्थिक मजबूती प्रदान कर रहा है.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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