आम के मंजर देख खिले किसानों के चेहरे, 650 मीट्रिक टन आम के उत्पादन का अनुमान

खूंटी के तोरपा में आम के पेड़ों पर लगे मंजर. फोटो : प्रभात खबर
Khunti News: खूंटी के तोरपा में आम के मंजर देख किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. उम्मीद है कि इस बार क्षेत्र में 650 मीट्रिक टन आम का उत्पादन होगा.
Khunti News| तोरपा (खूंटी), सतीश शर्मा : खूंटी जिले में पेड़ों पर आम का मंजर देख किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. खासकर जिले के तोरपा प्रखंड के किसानों की खुशी देखते ही बन रही है. प्रखंड में इस बार 650 मीट्रिक टन आम के उत्पादन का अनुमान है. फरवरी के अंतिम सप्ताह में आम के पेड़ों पर मंजर आ गये हैं. मंजर देख किसानों को उम्मीद है कि इस वर्ष आम की अच्छी पैदावार होगी. जमकर आम खाने को भी मिलेगा और इसे बेचकर पैसे भी कमायेंगे. प्रदान संस्था के रवि रंजन और राजू बताते हैं कि सब कुछ ठीक-ठाक रहा, मौसम ने साथ दिया, तो इस वर्ष प्रखंड में 650 मीट्रिक टन से ज्यादा आम का उत्पादन होगा. आम की टहनियों पर लदे मंजर भी इस बात का अहसास करा रहे हैं कि इस बार आम की अच्छी पैदावार होगी.
कई वैराइटी के आम का होता है उत्पादन
तोरपा प्रखंड आम के उत्पादन के लिए अपनी विशिष्ट पहचान रखता है. यहां पारंपरिक ढंग से आम का उत्पादन होता है. साथ ही हजारों एकड़ में व्यवस्थित ढंग से आम की बागवानी की गयी है. तोरपा में कई वैराइटी के आम का उत्पादन होता है. आम्रपाली, मालदा, दशहरी, मलिका के अलावा बीजू आम की भी पैदावार यहां होती है. किसानों का कहना है कि गुरुवार को हुई ओलावृष्टि में तोरपा सहित कई जगहों पर आम के मंजर को नुकसान पहुंचा है. इससे उत्पादन प्रभावित होने की संभावना है.

आम के लिए आते हैं कई जिलों के व्यापारी
तोरपा के आम की बिक्री खूंटी सहित कई जिलों में होती है. खूंटी के अलावा रांची, बोकारो, जमशेदपुर और अन्य जगहों के व्यापारी यहां आकर आम की खरीद करते हैं. झारखंड के पड़ोसी राज्य ओडिशा से भी आम के व्यापारी यहां खरीदारी करने आते हैं.
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1850 एकड़ में हैं आम के बागान
‘बिरसा हरित ग्राम योजना’ के तहत तोरपा प्रखंड के लगभग 4,000 किसान आम की खेती कर रहे हैं. इस योजना के तहत 1850 एकड़ से ज्यादा भूमि पर आम के बगीचे लगाये गये हैं.
आय वृद्धि का अतिरिक्त साधन है आम
प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) नवीन चंद्र झा कहते हैँ कि बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत लगाये गये आम के बगीचे किसानों के लिए लाभदायक साबित हो रहे हैं. यह किसानों की आय वृद्धि में सहायक साबित हो रहा है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्होंने देखा है कि आम की पैदावार ने किसानों की जिंदगी बदली है. यह किसानों को आर्थिक मजबूती प्रदान कर रहा है.
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By Mithilesh Jha
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