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बुली महतो के त्याग व बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता : शैलेंद्र महतो

Updated at : 11 Dec 2025 9:28 PM (IST)
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बुली महतो के त्याग व बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता : शैलेंद्र महतो

प्रखंड के भकुआडीह मोड़ पर गुरुवार को स्वतंत्रता सेनानी बुली महतो की पुण्यतिथि मनायी गयी.

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प्रतिनिधि, सोनाहातू.

प्रखंड के भकुआडीह मोड़ पर गुरुवार को स्वतंत्रता सेनानी बुली महतो की पुण्यतिथि मनायी गयी. उनकी प्रतिमा पर पूर्व सांसद शैलेंद्र महतो, कुरमाली भाषा परिषद के अध्यक्ष डॉ राजाराम महतो व अन्य लोगों ने माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. पूर्व सांसद ने शहीद बुली महतो की जीवनी व कोल विद्रोह में उनकी भूमिका को विस्तार से बताया. देश की आजादी के लिए किस तरह बुली महतो ने घर परिवार छोड़ कर बलिदान दिया. डॉ राजाराम महतो ने कहा कि आजादी आसानी से नहीं मिली है. इसके पीछे असंख्य वीरों का संघर्ष निहित है. बुली महतो हमारे प्रेरणास्रोत हैं. उनके गांव कोड़ाडीह को ऐतिहासिक रूप में विकसित किया जायेगा. आयोजनकर्ता धनपति महतो ने स्वतंत्रता सेनानी के परिजनों को सम्मानित किया. कहा कि बुली महतो की जीवनी को गांव-गांव में बताया जायेगा. इस अवसर पर लोक कलाकार रेवती देवी और उनकी टीम ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया. संचालन राजेंद्र महतो ने किया. मौके पर कुरमाली कवि देवेंद्रनाथ महतो, बनमाली महतो, सत्यनारायण महतो, नीरज कुमार महतो, प्रदीप महतो, राजू महतो, जगतपाल महतो व काफी संख्या में लोग मौजूद थे.

फोटो 1. माल्यार्पण सभा में उपस्थित अतिथि.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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AKHILESH MAHTO

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