रांची सदर अस्पताल को सरकार ही चलाये, यही बेहतर होगा : मंत्री
Updated at : 10 Dec 2016 8:18 AM (IST)
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रांची सदर अस्पताल सरकार खुद ही चलाये, यही श्रेयस्कर होगा. नारायणा हृदयालय को रांची सदर अस्पताल सौंपना महंगा साबित होगा. यह मंतव्य देते हुए स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने फाइल मुख्यमंत्री रघुवर दास के पास भेज दी है. उन्होंने लिखा भी है कि मुख्यमंत्री का निर्णय अंतिम निर्णय होगा. उनकी राय के बाद ही आगे […]
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रांची सदर अस्पताल सरकार खुद ही चलाये, यही श्रेयस्कर होगा. नारायणा हृदयालय को रांची सदर अस्पताल सौंपना महंगा साबित होगा. यह मंतव्य देते हुए स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने फाइल मुख्यमंत्री रघुवर दास के पास भेज दी है. उन्होंने लिखा भी है कि मुख्यमंत्री का निर्णय अंतिम निर्णय होगा. उनकी राय के बाद ही आगे की कार्रवाई की जायेगी.
रांची : रांची के सदर अस्पताल को शुरू करने के बाबत पूछे जाने पर स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने कहा कि उन्होंने संचिका भेज दी है, जिसमें मुख्यमंत्री को राय दी है कि रांची सदर अस्पताल को सरकार अपने स्तर से चलाये यही उचित होगा. चूंकि नारायणा बड़ी रकम की मांग कर रहा है.
ऐसे में यह बेहतर होगा कि खुद ही अस्पताल के अधूरे निर्माण कार्य को पूरा कर इसे चालू कर दिया जाये. इससे रिम्स पर मरीजों का बोझ भी कम होगा. मंत्री ने कहा कि उन्होंने केवल अपनी राय दी है. अंतिम फैसला मुख्यमंत्री ही लेंगे. वह सरकार के मुखिया हैं.
यह है मामला: रांची सदर अस्पताल के संचालन के लिए बेंगलुरू की नारायणा हृदयालय ने 345 करोड़ रुपये की मांग की है. पिछले दिनों नारायणा की एक टीम आयी थी. टीम ने इस्टीमेट बनाकर स्वास्थ्य विभाग को भेज दिया. लेकिन, विभाग ने नारायणा के इस प्रस्ताव को खारिज कर संचिका मंत्री के पास भेज दी. विभाग का तर्क है कि पीपीपी मोड पर जब अस्पताल का संचालन होना है, तो सरकार अपना भवन व जगह भी दे रही है. ऐसी स्थिति में किसी निजी अस्पताल को इतनी बड़ी रकम कैसे दी जा सकती है? इससे बेहतर है कि सरकार खुद ही संचालित करे.
चार बार सरकार फैसला बदल चुकी है : वर्ष 2015 से लेकर अबतक रांची सदर अस्पताल को लेकर सरकार चार बार फैसला बदल चुकी है. शुरुआत में सरकार ने निजी कंपनियों को रांची सदर अस्पताल का संचालन सौंपने का निर्णय लिया था. पर इसका विरोध होने लगा.
इसके बाद सरकार ने खुद से ही संचालित करने का फैसला किया. यहां रिम्स के कुछ विभागों को स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया. इसकी तैयारी भी शुरू कर दी गयी. 200 करोड़ रुपये की राशि की मंजूरी भी दी गयी. कैबिनेट से भी प्रस्ताव पारित हो गया कि रांची सदर अस्पताल का संचालन सरकार ही करेगी. इसी बीच बेंगलुरु में रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री नारायणा हृदयालय गये. वहां उन्होंने नारायणा को सदर अस्पताल संचालन का
आग्रह किया. नारायणा द्वारा हामी
भरी गयी. पर जब नारायणा ने इस्टीमेट दिया तब विभाग के अधिकारी हैरान रह गये. इसके बाद फिर इस फैसले को पलटा गया है और अब संचिका मुख्यमंत्री की मंजूरी के लिए भेजी गयी है.
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