बिहार के फर्जी सरकारी शिक्षकों की नौकरी पर खतरा, पड़ सकता है जेल जाना
Published by : Preeti Dayal Updated At : 31 Mar 2026 10:30 AM
फर्जी शिक्षकों पर होगी कार्रवाई (सांकेतिक तस्वीर)
Bihar Teacher News: बिहार के फर्जी नियोजित शिक्षकों की नौकरी जा सकती है. इतना ही नहीं, उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है. निगरानी की ओर से लगातार जांच की जा रही है. जानकारी के मुताबिक, सबसे ज्यादा फर्जी शिक्षकों की बहाली नालंदा जिले में हुई.
Bihar Teacher News: बिहार में फर्जी नियोजित शिक्षकों को लेकर विभाग एक्शन मोड में है. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की ओर से लगातार जांच की जा रही है. जांच में फर्जी पाए गए शिक्षकों के खिलाफ अब कार्रवाई की तैयारी है. इन शिक्षकों की नौकरी जा सकती है. इसके साथ ही उन्हें जेल भी भेजा जा सकता है.
इस जिले में सबसे ज्यादा फर्जी शिक्षक मिले
जानकारी के मुताबिक, 2006 से 2015 के बीच बहाल हुए शिक्षकों के डॉक्यूमेंट्स की जांच की गई. इस जांच में यह पता चला कि सबसे ज्यादा फर्जी बहाली नालंदा जिले में हुई. इस जिले में लगभग 165 एफआईआर दर्ज किया गया है. इसके बाद दूसरे नंबर पर मधुबनी जिले में 145 केस दर्ज किए गए. जबकि सबसे कम फर्जी बहाली का मामला अररिया जिले में आया. इस जिले में 4 एफआईआर दर्ज किया गया.
शिक्षा विभाग को भेजी गई लिस्ट
सभी फर्जी नियोजित शिक्षकों की लिस्ट शिक्षा विभाग को भेज दी गई है. निगरानी की जांच में यह सामने आई कि 2953 शिक्षकों को आरोपी बनाया गया है और उन्होंने लगभग 1400 करोड़ रुपए वेतन और मानदेय के रूप में लिए हैं. ये पैसे भी विभाग शिक्षकों से वसूल करेगा. इसके साथ ही आगे अन्य कार्रवाई भी की जाएगी.
इन सभी मामले में की गई कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक, शिक्षकों ने गैर-मान्यता प्राप्त संस्थानों से डिग्री ली, एक ही डिग्री पर कई जिलों में नौकरी की, दूसरे के रोल नंबर या फिर नाम पर फोटो चिपकाई थी या फिर यूजीसी से मान्यता नहीं रखने वाले प्राइवेट यूनिवर्सिटी की डिग्री डुप्लीकेट मार्कशीट और सर्टिफिकेट जमा किया. इन्हीं सब मामलों में फर्जी पाए जाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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By Preeti Dayal
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