खलारी : सीसीएल के एनके एरिया में बंद पड़ी कोयले की खुली खदानें परेशानी का कारण बनते जा रही है. एरिया के केडीएच सहित कई परियोजना की खदानों के कई हिस्से कोयला निकालने के बाद छोड़ दिये गये हैं. बंद खदानों के किनारे से ही आवागमन के लिए सड़कें बनी हुई है.
खदानों में अब खुदाई बंद है, लेकिन कोयला का फेस हवा के संपर्क में आने से उसमें आग लग चुकी है. लंबे समय से बंद रहने के कारण आग जमीन के अंदर-अंदर दूर तक फैल चुकी है. इसका असर अब खदान किनारे बनी आवागमन की कच्ची सड़कों पर पड़ रहा है. सड़क के किनारे जमीन दरकने लगी है. वहीं इन दरारों से दमघोंटू गैस निकलते रहते हैं.
जानकार बताते हैं कि कोयले को हवा के संपर्क से दूर कर ही आग को रोका जा सकता है. खनन नियम के अनुसार कोयला निकालने के बाद खदान को भर कर उपरी परत में मिट्टी भर कर उसे उपजाऊ बनाना है. परंतु सीसीएल की ओर से लापरवाही बरती जाती है. खदान में खुदाई बंद होने के बाद जो हालात पैदा हो रहे हैं, वह खतरनाक साबित हो सकता है. खदान किनारे बनी कच्ची सड़कों से खनन मजदूर सहित कोयला कारोबारी और ग्रामीणों का आना-जाना होता है.
