Soma Munda Murder Case में शूटर की गिरफ्तारी की मांग, आदिवासी संगठनों का 17 जनवरी को झारखंड बंद

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Soma Munda Murder Case में शूटर की गिरफ्तारी की मांग, आदिवासी संगठनों का 17 जनवरी को झारखंड बंद

Soma Munda murder case: पड़हा राजा सोमा मुंडा के हत्यारे अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं और इससे आदिवासी संगठनों में काफी गुस्सा है. अब 17 जनवरी को आदिवासी संगठनों ने झारखंड बंद बुलाया है और लोगों से सहयोग की अपील की है.

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Soma Munda Murder Case: खूंटी के एदेल संगा पड़हा राजा सोमा मुंडा हत्याकांड में शामिल सात आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. वहीं हत्याकांड को अंजाम देने वाले शूटर्स अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. पुलिस की अब तक की कार्रवाई से आदिवासी संगठन संतुष्ट नहीं है. आदिवासी समन्वय समिति सहित विभिन्न आदिवासी संगठनों ने 17 जनवरी को झारखंड बंद का आह्वान किया है. इसे लेकर गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आदिवासी समन्वय समिति के अध्यक्ष चंद्रप्रभात मुंडा, केंद्रीय संयोजक मार्षल बारला, संयोजक दुर्गावती ओड़ेया, केंद्रीय सदस्य महादेव मुंडा ने कहा कि यह बंद किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि न्याय की मांग और आदिवासी समाज की अस्मिता की रक्षा के लिए किया जा रहा है.

बंद से एक दिन पहले निकलेगा मशाल जुलूस

अध्यक्ष चंद्रप्रभात मुंडा ने कहा कि बंद को लेकर 16 जनवरी को करम अखाड़ा से नेताजी चौक तक मशाल जुलूस निकाला जायेगा. बंद में स्कूल सहित आवश्यक सेवा को मुक्त रखा गया है. उन्होंने कहा कि पुलिस ने 72 घंटे में हत्यारों और साजिशकर्ता को गिरफ्तार करने का दावा किया था, लेकिन आठ दिनों के बाद भी मुख्य साजिशकर्ता और हत्यारा पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. पुलिस केवल कुछ लोगों को गिरफ्तार कर केस को खत्म मान रही है. जो कांड में शामिल है उन्हें पुलिस गिरफ्तार करे. निर्दोष को तंग नहीं करे. Soma Munda murder case demands for arrest shooter tribal organizations called Jharkhand bandh on 17 January

समाज के लिए समर्पित थे सोमा मुंडा

उन्होंने आगे कहा कि सोमा मुंडा राजनीति से ऊपर उठकर समाज के लिए काम करते थे. उनकी हत्या से समाज को बड़ी क्षति हुई है. जब तक साजिशकर्ता और हत्यारे पुलिस की पकड़ से बाहर रहेंगे, लोग सुरक्षित महसूस नहीं करेंगे. उन्होंने बंद के लिए सभी से सहयोग करने की अपील की है. वहीं, सरकार से सोमा मुंडा के परिजनों को मुआवजा देने, उनके स्कूल को गोद लेने की मांग की गई है. मौके पर जॉनसन होरो, अल्बर्ट होरो, चार्ल्स पाहन, बलवती भेंगरा, कलावती भेंगरा, बहा लिंडा सहित अन्य उपस्थित थे.

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अमलेश नंदन सिन्हा

लेखक के बारे में

By अमलेश नंदन सिन्हा

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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