अड़की गैंग रेप कांड : एसपी बोले, फादर ने दो सिस्टर को तो बचाया पर युवतियों को बचाने का प्रयास भी नहीं किया

By Prabhat Khabar Digital Desk
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पुलिस जांच में खुलासा : पत्थलगड़ी समर्थकों ने दिया घटना को अंजाम
अड़की गैंग रेप कांड : दो प्राथमिकी दर्ज, अब तक एक भी दुष्कर्मी की गिरफ्तारी नहीं
खूंटी : मानव तस्करों से बच्चियों को बचाने के लिए नुक्कड़ नाटक कर जागरूकता फैलानेवाली पांच युवतियों के साथ हुए गैंग रेप मामले में खूंटी और अड़की थाने में पुलिस ने दो प्राथमिकी दर्ज की है. खूंटी जिले के अड़की प्रखंड के कोचांग क्षेत्र में पांच युवतियों के साथ गैंग रेप की वारदात को मंगलवार को दिनदहाड़े अंजाम दिया गया था. घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस अब तक दुष्कर्मियाें की गिरफ्तारी नहीं कर पायी है. सिर्फ एक आरोपी की तस्वीर जारी की है.
वहीं, अब पुलिस ने अड़की थाने में दर्ज प्राथमिकी में कोचांग के फादर अल्फांसो आइंद पर घटना की सूचना पुलिस को नहीं देने, घटना को रोकने और पीड़िताओं को बचाने का प्रयास नहीं करने के आरोप लगाये गये हैं. इनके अलावा पांच-छह अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है. डीसी सूरज कुमार और एसपी अश्विनी कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी.
मौके पर मौजूद थे फादर अल्फांसो : जानकारी के अनुसार, जिन पांच युवतियों के साथ गैंग रेप की घटना हुई है, वे सभी आदिवासी समुदाय की हैं. एसपी ने बताया : पीड़ित युवतियों को अगवा किये जाने के दौरान फादर अल्फांसो वहां मौजूद थे. उन्होंने घटना की जानकारी पुलिस को नहीं दी.
उन्होंने कुछ सिस्टर को बचा लिया, लेकिन पीड़ित युवतियों को बचाने का प्रयास नहीं किया. इसी कारण पीड़ित युवतियों के बयान के आधार पर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है. इनके खिलाफ भादवि की धारा 341, 342, 323, 363, 365, 328, 506, 201, 120बी के तहत कांड संख्या 21/18 दर्ज किया गया है. फादर को फिलहाल पीआर बांड पर छोड़ दिया गया है. जरूरत के मुताबिक नोटिस देकर उन्हें फिर बुलाया जायेगा.
चार अन्य से पूछताछ : फादर अल्फांसो के अलावा दो शिक्षक मोटाई मुंडू व रोबर्ट हस्सा पूर्ति और सिस्टर रंजीता किंडो व अनिता नाग को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया था. उन्हें भी छोड़ा गया है. जरूरत पड़ने पर नोटिस देकर बुलाया जायेगा. एसपी ने बताया, पीड़ित युवतियों के बयान के आधार पर ही प्राथमिकी दर्ज की गयी. 21 जून की रात उनकी मेडिकल जांच की गयी. कोर्ट में उनका 164 का बयान दर्ज किया गया.
आरोपियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए तीन टीम बनायी गयी है, जो लगातार छापेमारी अभियान चला रही है. खूंटी के महिला थाने में गैंग रेप को लेकर प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. भादवि की धारा 323, 340, 342, 376डी, 354बी, 363, 365, 120बी आइपीसी, 67/67 ए व आइटी एक्ट के तहत कांड संख्या 3/18 के तहत मामला दर्ज किया गया है.
पीड़िताअों के मोबाइल से की गयी रिकार्डिंग
दुष्कर्म की घटना की अपराधियों ने वीडियो रिकॉर्डिंग भी की, तस्वीर भी ली. इसे लेकर आइटी एक्ट के तहत कांड भी दर्ज किया गया है़ जानकारी के अनुसार, अपराधियों ने पीड़िताअों के मोबाइल से भी वीडियो रिकार्डिंग की है. इसके बाद अपराधियों ने उस मोबाइल की मेमोरी चिप निकाल ली, लेकिन वीडियो मोबाइल में ही रह गया. यह वीडियो पुलिस के हाथ लगी है, जिसे जब्त कर लिया गया है. इस संबंध में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बताया गया है.
पूछताछ के बाद फादर, दो शिक्षक व दो सिस्टर को पीआर बांड पर छोड़ा गया
पांच आरोपियों में से एक की फोटो जारी
सूचना देने पर 50 हजार रुपये का इनाम
शुरुआती जांच में यह बात सामने आयी है कि पत्थलगड़ी करनेवालों ने ही घटना को अंजाम दिया है, लेकिन इसमें कौन-कौन शामिल थे, इसकी जानकारी पुलिस नहीं जुटा पायी है. एसपी के अनुसार चार-पांच लोगों ने घटना को अंजाम दिया है. एसपी ने एक की तस्वीर जारी करते हुए आरोपियों की पहचान बतानेवाले को 50 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है. उन्होंने कोचांग क्षेत्र के ग्रामीणों से भी आरोपियों की जानकारी पुलिस को देने की अपील की है. जानकारी देनेवाले की पहचान गुप्त रखी जायेगी़
हतोत्साहित नहीं, मानव तस्करों के खिलाफ जारी रहेगा अभियान
रांची : गैंग रेप की घटना के बाद मानव तस्करी व बाल मजदूरी से मुक्त और खोयी बालिकाओं के लिए बनाये गये शेल्टर होम आशा किरण, फुदी (खूंटी) की संस्थापिका सिस्टर जेम्मा ओएसयू ने प्रभात खबर से बात की. उन्होंने कहा : कोचांग की घटना से हम हतोत्साहित नहीं है़ं
गांवों में नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से मानव तस्करों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा. बाल मजदूरी आदि विषयों पर जागरूकता फैलाने का भी काम पहले की तरह होगा. यह क्षेत्र इनसे काफी प्रभावित है. जब गांव की बच्चियां ग्रामीणों के बीच अपनी कहानी सुनाती हैं, अपने अनुभव बांटती हैं, तो ग्रामीणों पर अधिक प्रभाव पड़ता है.
वे बेटियों के परदेस जाने पर इसके पीछे के खतरों को समझते हैं. इससे मानव तस्करी, पलायन आदि पर रोक में मदद मिलती है़
कभी किसी ने धमकी नहीं दी : यह पूछे जाने पर कि क्या संस्था को पहले किसी ने धमकी दी थी? उन्होंने कहा : ऐसा कभी नहीं हुआ. 2005 में जब निर्माण कार्य शुरू हुआ था, तब कुछ लोग जिज्ञासावश पूछने आते थे कि क्या बन रहा है. उन्हें यह कहने पर कि शेल्टर होम, ताे पूछते थे कि यह क्या होता है. बाद में कभी- कभी कुछ लोग आते थे और पूछते थे कि बच्चे कहां से लाते हो? फंड कहां से मिलता है आदि, काम बताने पर वे इसकी प्रशंसा ही करते थे़
जिनके धंधे पर पड़ रहा है असर, हो सकता है उनका काम
यह पूछे जाने पर कि घटना को अंजाम देनेवाले कौन हो सकते हैं? सिस्टर जेम्मा ने कहा : मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है. यह जांच का विषय है़
लेकिन आशंका है कि यह उनका काम हो सकता है, जो मानव तस्करी करते हैं अथवा पलायन को प्रोत्साहित करते है़ं शायद कुछ दूसरे शेल्टर होम वाले भी प्रतियोगिता की भावना रखते हो़ं उन्होंने कहा : हमारा दिल खुला है़ यह संस्था लोगों, सरकार व रोटरी क्लब के सहयोग से बना है़ इस समय शेल्टर होम में लगभग 135 लड़कियां है़ं वहांं आठवीं कक्षा तक पढ़ायी होती है़ हम रजिस्टर रखते है़ं गांवों के पंच, अगुवों की अनुमति से ही गांवों में प्रवेश करते है़ं हमारा मनोबल मजबूत है़
पुलिस जांच में खुलासा : पत्थलगड़ी समर्थकों ने दिया घटना को अंजाम
फादर ने टीम को बुलाया था, पर न तो फादर और न ही संस्था आशा किरण ने घटना की सूचना पुलिस को दी
1. पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक आशा किरण संस्था द्वारा नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम कोचांग बाजार में 19 जून को होना था. 11.30 बजे बाजार टांड कोचांग में कार्यक्रम शांतिपूर्ण संपन्न हो गया. आरसी मिशन स्कूल कोचांग में पूर्व से कोई कार्यक्रम निर्धारित नहीं था.
2. आरसी मिशन चर्च के फादर ने सिस्टर के माध्यम से नुक्कड़ नाटक करनेवालों से संपर्क कर आरसी मिशन स्कूल में कार्यक्रम करने के लिए बुलवाया.
3. आरसी मिशन स्कूल में करीब 1.30 बजे कार्यक्रम प्रारंभ हुआ. करीब 1.45 बजे दो बाइक से चार पत्थलगड़ी समर्थक आये और नुक्कड़ नाटक करनेवाली पूरी पार्टी को धमका कर कार्यक्रम बंद करवा दिया. सभी को अपने कब्जे में लेकर जाने लगे. इसी क्रम में फादर ने दाेनों सिस्टर को यह बोलकर कि ये सिस्टर हैं छोड़ दो, छुड़ा लिये. अन्य किसी को बचाने या रोकने का प्रयास नहीं किया. नुक्कड़ नाटक कर रहे सभी कर्मियों ने फादर से मदद भी मांगी थी. लेकिन उन्होंने मदद नहीं की. वह बोले कि चले जाओ कुछ नहीं होगा. जल्द आ जाओगी.
4. रेप करने वाले/ पत्थलगड़ी समर्थकों द्वारा पीड़ित को ले जाने व लाने के बीच चार घंटे की अवधि में फादर ने उन्हें खोजने की कोई कार्रवाई नहीं की. किसी को खबर भी नहीं की गयी. उनके स्वयं के कथनानुसार वह बाजार से सब्जी खरीदने चले गये. उस अवधि में सिस्टर अकेली रही. प्रशासन, पुलिस या अन्य से संपर्क किया जाता, तो संभव है कि घटना को रोका जा सकता था या कुछ पीड़िता को बचाया जा सकता था.
5. घटना के दूसरे दिन 20 जून को फादर के खूंटी आने की खबर है , किंतु उस दिन भी उन्होंने किसी से संपर्क नहीं किया. न ही किसी को इसकी सूचना दी
6. दुष्कर्मी / पत्थलगड़ी समर्थकों ने पीड़ितों को बोला कि आप लोग बहुत बड़ी गलती कर गये. पत्थलगड़ी इलाके में बिना इजाजत के कैसे आ गये. आप प्रशासन को सहयोग करते हैं. पत्थलगड़ी के खिलाफ पर्चा बांटते हो और हमारा विरोध करते हो. आप लोग पूर्व में पत्थलगड़ी सभा में नहीं आये हो.
7. अपुष्ट सूत्रों से खबर मिली है कि फादर ने यह भ्रम फैलाया कि आरसी मिशन स्कूल में अपराधियों ने तोड़- फोड़ की है. इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हुई है, जो मामला को भ्रमित करने का प्रयास है.
8. फादर व संबंधित संस्था आशा किरण पुलिस के पास नहीं आये. इस घटना पर पूरी तरीके से पर्दा डालने का प्रयास प्रतीत होता है.
9. घटना 19 जून को 1.45 बजे से 5.45 बजे के बीच घटित हुई. लेकिन पुलिस को यह सूचना दूसरे जरिये से 20 जून को रात नौ बजे मिली. इसके बाद कार्रवाई करते हुए 21 जून को सभी पीड़ितों को खोज उनकी मेडिकल जांच करवायी गयी. केस दर्ज कर कार्रवाई आरंभ की गयी.
महिला आयोग ने बनाया तीन सदस्यीय जांच दल
नयी दिल्ली. राष्ट्रीय महिला आयोग ने झारखंड के खूंटी में हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच दल का गठन किया है. महिला आयोग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी.
पुलिस ने बताया कि एक गैर सरकारी संगठन के साथ काम करने वाली पांच महिलाओं के साथ कथित तौर पर बंदूक के बल पर कम से कम पांच पुरुषों के एक समूह ने बलात्कार किया है. महिलाएं , मानव तस्करी और विस्थापन के मुद्दे पर खूंटी जिले के चोचांग गांव में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से गयी थीं.अधिकारी ने बताया तीन सदस्यीय जांच दल दुष्कर्म के मामले की जांच खूंटी जाकर करेगा. आयोग ने झारखंड के पुलिस महानिदशेक डीके पांडे से मामले में की गयी कार्रवाई की जानकारी देने को कहा है.
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने दिये जांच के निर्देश
शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने पुलिस के वरीय अधिकारियों के साथ बैठक की. उन्होंने मामले की गहन जांच कर घटना में हुई किसी तरह की साजिश का पर्दाफाश करने के निर्देश दिये. कहा कि घटना में संलिप्त दोषियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित होनी चाहिए.
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