साप्ताहिक बाजार शेड हैं जर्जर

Updated at : 20 Jun 2017 9:19 AM (IST)
विज्ञापन
साप्ताहिक बाजार शेड हैं जर्जर

खलारी : खलारी के साप्ताहिक हाटों का हाल बेहाल है. बाजार स्थल में बने शेड जर्जर हैं. यहां कचरों का अंबर लगा हुआ है. खलारी अंचल क्षेत्र में लगभग प्रत्येक दिन कहीं न कहीं साप्ताहिक हाट लगता है. इनमें तीन बुकबुका, खलारी बाजार तथा राय बाजार सरकारी हाट हैं. पूर्व में इन हाटों की नीलामी […]

विज्ञापन
खलारी : खलारी के साप्ताहिक हाटों का हाल बेहाल है. बाजार स्थल में बने शेड जर्जर हैं. यहां कचरों का अंबर लगा हुआ है. खलारी अंचल क्षेत्र में लगभग प्रत्येक दिन कहीं न कहीं साप्ताहिक हाट लगता है.
इनमें तीन बुकबुका, खलारी बाजार तथा राय बाजार सरकारी हाट हैं. पूर्व में इन हाटों की नीलामी भी होती रही है. तीनों हाट में सरकार की ओर से किसानों के लिए शेड बनाये गये हैं, लेकिन शेड अब जर्जर हो गये हैं. पंचायत प्रतिनिधि साप्ताहिक हाटों को दुर्दशा से उबारने के लिए कोई पहल नहीं कर रहे हैं. जिला कृषि बाजार भी खलारी अंचल के साप्ताहिक हाटों के प्रति उदासीन है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola