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Jharkhand Cabinet Decision: झारखंड में बनेगा विस्थापन आयोग, हेमंत सोरेन की कैबिनेट का प्रस्ताव

Updated at : 08 Jul 2024 8:45 PM (IST)
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हेमंत सोरेन कैबिनेट की पहली बैठक में विस्थापन आयोग बनाने का प्रस्ताव पेश. फोटो : प्रभात खबर

Jharkhand Cabinet Decision: झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार की कैबिनेट ने राज्य में विस्थापन आयोग के गठन का प्रस्ताव रखा है.

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Jharkhand Cabinet Decision: हेमंत सोरेन सरकार जल्द ही विस्थापन आयोग का गठन करेगी. कैबिनेट की बैठक में इसका प्रस्ताव रखा गया. इसके तहत एक डाटा बेस तैयार किया जाएगा, ताकि खनन क्षेत्रों का एक दस्तावेज तैयार किया जा सके. मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण के बाद सोमवार की शाम प्रोजेक्ट भवन में हुई कैबिनेट की बैठक के बाद हेमंत सोरेन ने खुद पत्रकारों को यह जानकारी दी.

खनन गतिविधियों का तैयार करेंगे पूरा दस्तावेज

इसमें इस बात का पूरा ब्योरा होगा कि झारखंड के लोगों को खनन गतिविधियों की वजह से क्या खोना पड़ता है. क्या उन्हें मिलता है. इसका असर क्या होता है. जल्द ही इसका एक मसौदा तैयार किया जाएगा. खनन की वजह से लोगों को होने वाली परेशानियों को कैसे दूर किया जाए, उसके लिए सरकार नीति बनाएगी.

हमने घोषणा की है, धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी भी हमारी

पत्रकारों ने जब झारखंड के मुख्यमंत्री से यह पूछा कि विस्थापन आयोग की मांग लंबे अरसे से हो रही थी, क्या इसको समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जाएगा. इस पर हेमंत सोरेन ने कहा कि जब हमने घोषणा की है, तो इसको धरातल पर उतारनने की जिम्मेदारी भी हमारी है. उन्होंने कहा कि यह पहले ही हो जाना चाहिए था, लेकिन आज हमने यह निर्णय लिया. आप आश्वस्त रहें, जितनी जल्दी हो सकेगा, हम इसको प्राथमिकता के आधार पर करेंगे. प्राथमिकता के आधार पर हमने इस विषय पर कैबिनेट की बैठक में सहमति जताई.

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सहायक पुलिसकर्मी धरना-प्रदर्शन बंद करें, सरकार वार्ता को तैयार

एक सप्ताह से जारी धरना दे रहे सहायक पुलिसकर्मियों के मुद्दे पर जब सीएम से पूछा गया कि उनको क्या संदेश देना चाहेंगे, तो हेमंत सोरेन ने कहा कि अब कोई भी हो, धरना-प्रदर्शन छोड़े. सरकार आपसे बात करने के लिए तैयार है. आपकी समस्याओं का समाधान करने के लिए भी तैयार है. यह तभी होगा, जब लोग मिल-बैठकर बात करेंगे. चर्चा करेंगे. इसके लिए धरना-प्रदर्शन करने की जरूरत नहीं है. उन्हों‍ने कहा कि हमारी सराकर के पास नाक, कान, आंख भी है. यह सरकार सुनती भी है, समझती भी है. समस्याओं का समाधान भी करती है.

नई योजना शुरू करने से पहले पुरानी योजनाओं की करेंगे समीक्षा

हेमंत सोरेन ने कहा कि हमारी सरकार ने अब तक जितनी भी योजनाएं जनहित में शुरू की, उन सबकी समीक्षा करें. नई नीतियां बनाने से पहले पुरानी घोषणाओं पर विचार करें. समस्याओं के बारे में शिकायतें हमारे पास आती रहतीं हैं. सभी विभाग के मंत्री उन समस्याओं की पूरी जानकारी लें, जो समस्या है, उसका समाधान ढूंढ़ें.

हमारी सरकार प्रोजेक्ट भवन से नहीं, गांव से चलेगी

सीएम ने कहा कि हमने सरकार आपके द्वार कार्यक्रम कई बार चलाया. हमने कई बार कहा कि हमारी सरकार प्रोजेक्ट भवन से नहीं, गांवों से चलेगी. इसके लिए कार्ययोजना तैयार है. आने वाले दिनों में काम करने के तरीके कैसे बदलेंगे, इसके बारे में हम आपको समय-समय पर बताते रहेंगे.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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