ePaper

कथावाचक ने गजेंद्र मोक्ष व समुद्र मंथन प्रसंग का किया वर्णन

Updated at : 10 Nov 2025 7:55 PM (IST)
विज्ञापन
कथावाचक ने गजेंद्र मोक्ष व समुद्र मंथन प्रसंग का किया वर्णन

नाला. बंदरडीहा पंचायत अंतर्गत पिंडारगड़िया गांव में सात दिवसीय संगीतमयी भागवत कथा से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है.

विज्ञापन

पिंडारगड़िया गांव में सात दिवसीय संगीतमयी भागवत कथा जारी फोटो – 07 भागवत कथा सुनाते कथावाचक गौर हरि दास बाबाजी प्रतिनिधि, नाला बंदरडीहा पंचायत अंतर्गत पिंडारगड़िया गांव में सात दिवसीय संगीतमयी भागवत कथा से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है. चतुर्थ दिन गजेंद्र मोक्ष, समुद्र मंथन, वामन देव बलि व मत्स्य अवतार आदि प्रसंगों का सुमधुर वर्णन किया गया. इस दौरान श्रोता भक्त भक्ति की रस में डूबे रहे. कथावाचक गौर हरि दास बाबाजी ने समुद्र मंथन का वर्णन करते हुए कहा कि देवताओं को दुर्वासा ऋषि के श्राप के कारण अपनी शक्ति खोने के बाद, भगवान विष्णु ने उन्हें असुरों के साथ मिलकर क्षीर सागर में मंथन करने का सुझाव दिया, ताकि वे अमृत प्राप्त कर सकें. इस मंथन में मंदराचल पर्वत को मथनी और बासुकी नाग को रस्सी के रूप में व्यवहार किया गया. समुद्र मंथन के दौरान सबसे पहले हलाहल विष निकला, जिसे भगवान शिव ने पीकर संसार को बचाया. विष पान करने से उनका कंठ नीला हो गया. उसी समय से भगवान शिव का नाम नीलकंठ पड़ा. मंथन के क्रम में विभिन्न रत्न जैसे कामधेनु, कल्पवृक्ष और अंत में भगवान धन्वंतरि अमृत कलश के साथ प्रकट हुए. अमृत पर असुरों का अधिकार होने से रोकने के लिए भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण किया और चालाकी से अमृत को देवताओं में वितरित किया, जिससे देवों को अमरता प्राप्त हुई और असुरों का विनाश हुआ. वामन अवतार के प्रसंग में कहा कि राजा बलि के घमंड को खत्म करने और इंद्र को देवलोक वापस दिलाने के लिए भगवान विष्णु वामन अवतार के रूप में प्रकट हुए. भगवान विष्णु ने ब्राह्मण के रूप में बलि से तीन पग भूमि दान में मांगी. बलि के गुरु शुक्राचार्य ने बलि को तीन पग भूमि देने से मना किया. फिर भी बलि अपने वचन पर अडिग रहे. भगवान विष्णु ने अपने पहले दो पग में पूरी पृथ्वी और ब्रह्मांड को नाप लिया. तीसरा पग रखने के लिए कोई जगह नहीं बचा, तब बलि ने अपना सिर अर्पित कर दिया, जिसके बाद भगवान वामन ने उसे सुताल लोक भेज दिया और बलि के अहंकार को नष्ट कर दिया. कई लीलाओं का वर्णन कर श्रोता भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
UMESH KUMAR

लेखक के बारे में

By UMESH KUMAR

UMESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola