फतेहपुर. फतेहपुर में समाजसेवी अबिता हांसदा एवं शिव ठाकुर सोरेन ने संयुक्त प्रेस बयान जारी किया. कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में संताली भाषा में भारत के संविधान का विमोचन किया. इससे संथाल समाज सहित पूरे देश के आदिवासियों के लिए गर्व, सम्मान और खुशी का माहौल है. उन्होंने कहा कि यह पहल आदिवासी भाषाओं और संस्कृति को संवैधानिक मान्यता और सम्मान देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है. कहा कि संताली भाषा में संविधान उपलब्ध होने से झारखंड, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार सहित देश-विदेश में रहने वाले करोड़ों संताली भाषी लोग अब अपनी मातृभाषा और ओलचिकी लिपि में संविधान के अनुच्छेदों को सरलता से पढ़ और समझ सकेंगे. इससे संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और आदिवासी समाज अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों को बेहतर ढंग से जान सकेंगे..
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

