लाखों रुपए राजस्व देने वाला करमदहा का हटिया शेड जर्जर, परेशानी में लोग

शेड जर्जर हो जाने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. करमदहा के हटिया परिसर में साप्ताहिक हाट बाजार लगता है.
नारायणपुर. प्रखंड के प्रमुख शिवालयों में से एक करमदहा के दुखिया बाबा मंदिर परिसर में बना हटिया शेड जर्जर हो गया है. शेड जर्जर हो जाने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. करमदहा के हटिया परिसर में साप्ताहिक हाट बाजार लगता है. कई विक्रेता सामानों को बेचने के लिए आते हैं, लेकिन हटिया शेड जर्जर होने से उन्हें इस गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. समय-समय पर स्थानीय लोगों द्वारा जर्जर हटिया शेड को दुरुस्त करने की मांग उठती रही है, लेकिन इस पर अभी तक ठोस पहल नहीं की गयी है. विदित हो कि इसी हटिया परिसर में मकर संक्रांति से 14 दिवसीय मेला लगता है. उस समय भी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. यह मेला क्षेत्र का सबसे बड़ा मेला माना जाता है. इस मेले से सरकार को लगभग 60 लाख रुपये की राजस्व प्राप्ति होती है. बावजूद इस परिसर का सुंदरीकरण और सुदृढ़ीकरण नहीं होना स्थानीय लोगों को बहुत खलता है. मकर संक्रांति पर जब 15 दिवसीय मेला लगता है, उस दौरान भी लोगों को शेड जर्जर होने के कारण कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. हालांकि स्थानीय विधायक सह मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने विभिन्न समय अंतराल में इस मेला परिसर को पर्यटक स्थल का दर्जा दिलाते हुए सौंदर्यीकरण करने और सुदृढ़ करने का आश्वासन भी दिया, लेकिन स्थानीय लोगों की मांग है कि केवल यह बातें वादों में ही सीमित रह जा रही है. इस दिशा में सफल होते नहीं दिख रहा है. स्थानीय मुखिया नुनुलाल सोरेन ने कहा कि इस परिसर से सरकार को लगभग 60 लाख रुपए की राजस्व प्राप्ति प्रति वर्ष हो रही है, लेकिन हटिया शेड आज भी जर्जर है. सरकार और स्थानीय प्रशासन को इसे मजबूत करने की दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए. प्रतिदिन दुखिया बाबा मंदिर में सैकड़ों लोग पूजा-अर्चना करने आते हैं. शेड जर्जर होने के कारण उन्हें विश्राम इत्यादि में काफी परेशानी होती है.
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