प्रभात खास. वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जेइपीसी के बजट में नहीं दी गयी स्वीकृति विद्यालयों में चॉक, डस्टर, भी खरीदने के पैसे नहीं संवाददाता, जामताड़ा. शिक्षा केवल किताबों और पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं होती, बल्कि बच्चों के सीखने का वातावरण भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है. प्राथमिक विद्यालयों में चॉक, डस्टर, झाड़ू, रजिस्टर या रंग-रोगन जैसे छोटे-छोटे साधन ही बच्चों की पढ़ाई को सहज और सुगम बनाते हैं. लेकिन इस वर्ष स्थिति संवेदनशील हो गयी है क्योंकि जिले के 1030 प्राथमिक और मध्य विद्यालयों सहित राज्य के अन्य जिलों को विद्यालय विकास अनुदान की राशि नहीं मिल सकी है. हर साल छात्रों की संख्या के आधार पर इन विद्यालयों को दस हजार से लेकर एक लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाता था. इस राशि से विद्यालयों में रंग-रोगन, चापाकल की मरम्मत, शौचालय की सफाई और बच्चों की पढ़ाई के लिए आवश्यक सामग्री खरीदी जाती थी. लेकिन 2025-26 के लिए जेइपीसी के बजट में इस मद को स्वीकृति नहीं दी गयी है और केंद्र सरकार ने भी ग्रांट की मंजूरी नहीं दी है. इस कारण विद्यालयों में अब चॉक और डस्टर जैसी बुनियादी सामग्री भी उपलब्ध नहीं हो पायेगी. यह स्थिति बच्चों की पढ़ाई और विद्यालय के संचालन पर सीधा असर डाल सकती है. क्या कहते हैं डीएसई विद्यालय विकास अनुदान की राशि विद्यालय के विकास के लिए प्रत्येक वर्ष मिलता है. इस वर्ष अभी तक नहीं मिली है. यह सरकार का हर साल का बजट है. – विकेश कुणाल प्रजापति, डीएसई, जामताड़ा
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