श्री चैतन्य महाप्रभु की लीला से भावविभोर हुए श्रद्धालु

Updated:
विज्ञापन
श्री चैतन्य महाप्रभु की लीला से भावविभोर हुए श्रद्धालु

उन्होंने श्री चैतन्य महाप्रभु की अंत्य लीला का विस्तारपूर्वक वर्णन किया.

विज्ञापन

बनकाटी में सात दिवसीय श्री चैतन्य भागवत पारायण महायज्ञ संपन्न प्रतिनिधि, कुंडहित प्रखंड अंतर्गत बनकाटी स्थित गौर गदाधर मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्री चैतन्य भागवत पारायण महायज्ञ कथा का समापन सोमवार को हुआ. इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के नवद्वीप धाम से आए कथावाचक आचार्य रामकुमार चक्रवर्ती ने श्रद्धालुओं को श्री चैतन्य चरितामृत कथा का रसपान कराया. उन्होंने श्री चैतन्य महाप्रभु की अंत्य लीला का विस्तारपूर्वक वर्णन किया. कथावाचक ने उन्माद भाव, अलारनाथ दर्शन, विलोम भाव, सिंहद्वार में भिक्षा, गरुड़ स्तंभ से भगवान जगन्नाथ के दर्शन, होड़ा पंचमी प्रसंग, हरिदास ठाकुर महोत्सव तथा नवद्वीप वासियों की विदाई लीला पर प्रकाश डाला. उन्माद भाव प्रसंग के माध्यम से बताया कि यह कृष्ण-प्रेम की पराकाष्ठा थी, जो शुद्ध भक्ति का सर्वोच्च स्वरूप है. अलारनाथ दर्शन प्रसंग में अनवसर काल के दौरान ब्रह्मगिरी स्थित अलारनाथ मंदिर के महत्व को भी बताया गया. कथा के दौरान संकीर्तन, नृत्य और भक्ति रस में डूबे श्रद्धालु भावविभोर रहे. वक्ताओं ने कहा कि कलियुग में मानव जीवन का परम उद्देश्य हरिनाम संकीर्तन का प्रचार-प्रसार करना है. समापन के उपरांत सैकड़ों श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया. मौके पर कथा सहयोगी गोपाल गोस्वामी, आशीष भौमिक, शंकर देव तथा आयोजक शंकर अधिकारी, बनमाली अधिकारी, जोबा अधिकारी, रूपाली अधिकारी, शुभंकर अधिकारी, ज्योत्सना अधिकारी, प्रभाकर अधिकारी, प्रतिमा अधिकारी सहित अनेक भक्तगण उपस्थित थे.

विज्ञापन
Jiyaram Murmu

लेखक के बारे में

By Jiyaram Murmu

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola