चित्तरंजन की 79 साल पुरानी दुर्गापूजा में इस बार बद्रीनाथ धाम का भव्य रूप
चित्तरंजन की 79वीं दुर्गापूजा की खूटी पूजा के साथ शुरुआत हुई. इस बार पंडाल बद्रीनाथ धाम की तर्ज पर बनेगा, जिस पर छह लाख रुपये खर्च किए जाएंगे.
मिहिजाम। रेलनगरी चित्तरंजन की सबसे पुरानी दुर्गापूजा 79वें वर्ष में प्रवेश कर गई है. हिल कॉलोनी थ्री (एरिया तीन) में सार्वजनिक दुर्गापूजा का शुभारंभ पारंपरिक खूटी पूजा के साथ हुआ. इस वर्ष पूजा पंडाल उत्तराखंड के प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है, जो श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहेगा.
पूजा कमेटी के अनुसार, इस ऐतिहासिक पूजा की शुरुआत वर्ष 1948 में चित्तरंजन के ओवल मैदान से हुई थी. इसके बाद 1949 में देशबंधु विद्यालय के समीप पार्क मैदान, 1950 में अग्रदूत फुटबॉल मैदान और 1951 में एरिया तीन कम्युनिटी हॉल में पूजा आयोजित की गई. इसके बाद से लगातार इसी प्रांगण में दुर्गोत्सव का आयोजन होता आ रहा है.
कमेटी के जनरल सेक्रेटरी पंकज कुमार ने बताया कि इस बार पंडाल को बेहद आकर्षक और कलात्मक रूप दिया जा रहा है. बद्रीनाथ मंदिर की भव्य संरचना श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति कराएगी. मां दुर्गा की प्रतिमा को भी विशेष रूप से आकर्षक बनाया जा रहा है.
पंडाल निर्माण की जिम्मेदारी मिहिजाम के गोपी डेकोरेटर्स को दी गई है. पूजा का अनुमानित बजट करीब छह लाख रुपये है. वहीं, महासप्तमी से महाअष्टमी तक तीन दिनों के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. खूटी पूजा के साथ ही चित्तरंजन में दुर्गोत्सव की तैयारियां और उत्साह का माहौल शुरू हो गया है.
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