हिंदुओं पर प्रहार अब बर्दाश्त से बाहर, संगठित होकर चुनौती का करना होगा सामना : स्वामी सीताराम शरण

Updated at : 31 Mar 2026 9:35 PM (IST)
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हिंदुओं पर प्रहार अब बर्दाश्त से बाहर, संगठित होकर चुनौती का करना होगा सामना : स्वामी सीताराम शरण

जामताड़ा. शहर के नामुपाड़ा स्थित हनुमान मंदिर प्रांगण में मंगलवार को ''विराट हिंदू सम्मेलन'' का भव्य आयोजन किया गया.

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शहर के नामुपाड़ा में विराट हिंदू सम्मेलन”” का आयोजन संवाददाता, जामताड़ा. शहर के नामुपाड़ा स्थित हनुमान मंदिर प्रांगण में मंगलवार को ””विराट हिंदू सम्मेलन”” का भव्य आयोजन किया गया. इस सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में चित्रकूटधाम के राष्ट्रीय प्रखर प्रवक्ता एवं युवा महंत श्री श्री 1008 स्वामी सीताराम शरण जी महाराज ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया. कहा कि भारतीय संस्कृति पर युगों-युगों से प्रहार होते आए हैं. हमारी संस्कृति को बचाने के लिए स्वयं भगवान भी समय-समय पर अवतरित होते रहे हैं. कलयुग में संगठन ही सबसे बड़ी शक्ति है. आज समय की मांग है कि सभी सनातनी, संगठन, साधु-संत, महंत, महामंडलेश्वर और जगद्गुरु शंकराचार्य एक मंच पर आएं. उन्होंने कहा कि एकता में ताकत है अगर हम एक रहेंगे तो सुरक्षित रहेंगे. इसीलिए जरूरत है समय-समय पर एकजुटता दिखाने की. उन्होने समाज के समक्ष भविष्य की दिशा तय करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर समाज के हर वर्ग को सेवा कार्यों से जुड़ने की आवश्यकता है और हर क्षेत्र में विराट हिन्दू सम्मेलन करने की जरूरत है. अब समय आ गया है कि जो हमें छेड़ेगा, उसे छोड़ेंगे नहीं. हिंदुओं पर प्रहार अब बर्दाश्त से बाहर है. यदि कोई हमारी पूंछ में आग लगाएगा, तो उसकी लंका में भी आग लगेगी. उन्होंने समाज से ऊंच-नीच के भेदभाव को समाप्त कर समरसता लाने की अपील की गई. कहा कि हमें छुआ – छुत , भेद – भाव , जाति-वर्ण आदि की भावना से आगे निकलना होगा. एक साथ बैठकर सामूहिक भोजन करें. एक – दूसरे के जरूरत पड़ने पर परस्पर सहयोग करें. एक- दूसरे के सुख-दुख में शामिल हों. सभी सनातनियों को स्वदेशी वस्तु अपनाने और ””हलाल सर्टिफिकेट”” वाले सामान का पूर्ण बहिष्कार करने का आह्वान किया गया. महाराज जी ने पर्यावरण और भावी पीढ़ी के निर्माण पर भी बल दिया. कहा कि हर व्यक्ति अपने जन्म, वैवाहिक उत्सवों पर कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाएं और घर में तुलसी का पौधा अनिवार्य रूप से रखें. बच्चों को जन्म से ही अपने धर्म से जोड़ना चाहिए. आज के समय में हमें अपने बच्चों को गीता और रामायण के संस्कार देना अनिवार्य है. कहा हर क्षेत्र में गुरुकुल, गौशाला, साप्ताहिक मिलन केंद्र और हनुमान चालीसा पाठ केंद्र खोलने की जरूरत है. सम्मेलन में शामिल श्रद्धालु और विभिन्न हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिन्होंने सनातन धर्म की रक्षा का संकल्प लिया. मौके पर आयोजन समिति के संरक्षक नित्यगोपाल सिंह, संयोजक सुशील हरि, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत घुमन्तु प्रमुख वासुदेव यादव, राजन हरि, चंचल भंडारी, संजय दत्ता, शुभम कुमार, विजय राय, काली साहा, शंकर गोराई, राजा पाल, नरेश रवानी, बिजय हरि, बिजय राउत, सुनील बाउरी, छोटू हरि, श्रवण हरि समेत अन्य थे.

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