अनीता हेंब्रम तीन एकड़ में सूर्यमुखी की खेती कर बन रहीं आत्मनिर्भर

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अनीता हेंब्रम तीन एकड़ में सूर्यमुखी की खेती कर बन रहीं आत्मनिर्भर

जामताड़ा. चिताकुड़ी गांव में झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के सहयोग से समूह की दीदी अनीता हेंब्रम ने तीन एकड़ जमीन में सूर्यमुखी की खेती कर मिसाल पेश की है.

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जामताड़ा. फतेहपुर प्रखंड के बानरनाचा पंचायत अंतर्गत चिताकुड़ी गांव में झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के सहयोग से समूह की दीदी अनीता हेंब्रम ने तीन एकड़ जमीन में सूर्यमुखी की खेती कर मिसाल पेश की है. इस क्षेत्र में सूर्यमुखी की खेती का यह पहला प्रयास है, जिससे अन्य किसान भी प्रेरित हो रहे हैं. सूर्यमुखी एक लाभदायक फसल है, जो जलवायु परिवर्तन के अनुकूल है और सूखे की स्थिति में भी अच्छी पैदावार देती है. इसके बीजों से तेल निकाला जाता है, जिसका उपयोग खाना पकाने और सौंदर्य प्रसाधनों में किया जाता है. इसके पत्ते और तने पशुओं के लिए चारे के रूप में उपयोगी होते हैं. सूर्यमुखी में मौजूद विटामिन ई और एंटीऑक्सीडेंट स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है. अनीता हेंब्रम ने बताया कि जेएसएलपीएस और आशा संस्था के मार्गदर्शन से उन्हें खेती की नई तकनीक और आवश्यक संसाधनों की जानकारी मिली. संस्था ने उन्हें आर्थिक सहयोग और बीज भी उपलब्ध कराए. उन्होंने कहा कि खेती न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी, बल्कि समाज में एक सकारात्मक बदलाव का भी माध्यम बनेगी. अनीता का यह प्रयास क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है, जिससे वे भी नई तकनीक अपनाकर अपनी आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं.

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Umesh Kumar

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