बिंदापाथर. महाशिवरात्रि के अवसर पर शिव मंदिर परिसर में आयोजित चौबीस प्रहार अखंड हरि कीर्तन कुंजविलास के साथ संपन्न हुआ. बीरभूम के कीर्तनिया सुषमा दास ने पाला कीर्तन के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं का वर्णन किया. कहा कि कलयुग में भगवान के भजन व भक्ति ही एक मात्र मोक्ष का रास्ता है. मानव मात्र को परोपकारी होना चाहिए. जीवों पर दया करना हम सबों का दायित्व है. कहा कि धरती पर जब जब पाप व पापियों का बोलबाला बढ़ा है, तब तब भगवान ने अवतार लेकर पाप व पापियों का संहार किया है. भगवान ने धरती पर अवतार लेकर लोगों को सत मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया है. जिस स्थान पर भगवान की भजन कीर्तन होती है, वहां स्वयं भगवान विराजते हैं. उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के महारास लीला का वर्णन किया. भजन कीर्तन के सफल संचालन के शिव मंदिर कमेटी का सराहनीय योगदान रहा.
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