मलुटी के लिए नहीं चली बस

Published at :09 Dec 2015 7:39 AM (IST)
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मलुटी के लिए नहीं चली बस

उदासीनता . सीएम रघुवर दास ने दिया था आश्वासन शिकारीपाड़ा : राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त टेराकोटा शैली में 16वीं-17 वीं शताब्दी में निर्मित 108 मंदिरों के समूह वर्तमान में 72 मंदिरों को संजोए रखने वाले ऐतिहासिक पर्यटन स्थल मलुटी में आने-जाने वाले को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. जिला मुख्यालय दुमका या […]

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उदासीनता . सीएम रघुवर दास ने दिया था आश्वासन
शिकारीपाड़ा : राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त टेराकोटा शैली में 16वीं-17 वीं शताब्दी में निर्मित 108 मंदिरों के समूह वर्तमान में 72 मंदिरों को संजोए रखने वाले ऐतिहासिक पर्यटन स्थल मलुटी में आने-जाने वाले को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
जिला मुख्यालय दुमका या निकटवर्ती रेलवे स्टेशन रामपुरहाट से मलुटी तक कोई बस सेवा उपलब्ध नहीं है.
दुमका रामपुरहाट मुख्य सड़क पर सुड़ीचुआ बस स्टाप से करीब 5 किमी दूरी के लिए कोई वाहन नहीं चलती है. जिससे मलुटी के ग्रामीणों के साथ-साथ यहां आने वाले पर्यटकों को यह दूरी पैदल या निजी वाहन से तय करना पडता है. तारापीठ आने वाले श्रद्धालु मां तारा की बड़ी बहन मां मौलिक्षा के दर्शन पूजन की अभिलाषा के बावजूद यातायात के साधन नहीं रहने के कारण अधिकांश श्रद्धालु तारापीठ से वापस लौट जाते हैं.
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मलुटी में रात्रि विश्राम के दौरान अपने जन संवाद में तारापीठ- मलुटी-बासुकिनाथ- देवघर बस सेवा शुरू करने का आश्वासन दिया था. आश्वासन के चार माह बीतने के बावजूद आज तक बस सेवा चालू नहीं हुई. मलुटी से मुख्य पथ पर स्थित सुड़ीचुआं तक 5 किमी की दूरी तय करने में ग्रामीणों के साथ-साथ पर्यटकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
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