ओके... कैसे मिलेगी गुणवतापूर्ण शिक्षा !

कुंडहित . झारखंड राज्य बने 15 वर्ष हो गये हैं. लेकिन शिक्षण व्यवस्था पर कोई सुधार नहीं हुआ है. प्रदेश में कई सरकार आयी और गयी. सभी ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात जरूर की. शिक्षण व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिये कई घोषणाएं की. लेकिन सभी घोषणाएं ढाक के तीन पात ही साबित हुए. कुंडहित […]
कुंडहित . झारखंड राज्य बने 15 वर्ष हो गये हैं. लेकिन शिक्षण व्यवस्था पर कोई सुधार नहीं हुआ है. प्रदेश में कई सरकार आयी और गयी. सभी ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात जरूर की. शिक्षण व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिये कई घोषणाएं की. लेकिन सभी घोषणाएं ढाक के तीन पात ही साबित हुए. कुंडहित प्रखंड में वित्तीय वर्ष 2015-16 में कुल 12 हजार 61 छात्र-छात्राएं वर्ग एक से आठ तक में है. वहीं कुल शिक्षकों की संख्या 457 है. जिसमें सरकारी शिक्षक 127 तथा 330 पारा शिक्षक है. जबकि कुल विद्यालय 182 है. जिसमें 118 प्रावि तथा 64 मवि है. इधर सरकार के नियमानुसार वर्ग एक से पांच में 30 छात्रों पर एक शिक्षक होना अनिवार्य है. लेकिन 12 हजार 61 छात्रों पर 457 शिक्षक ही है. ऐसे में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात करना बेइमानी होगी. विडंबना तो यह है कि विद्यालयों में जो एक्का-दुक्का शिक्षक होते हैं उन पर भी कई प्रकार का दायित्व थोप दिया गया है.
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