महंगाई से गरीबों की थाली खाली

Updated at : 05 Nov 2017 5:55 AM (IST)
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महंगाई से गरीबों की थाली खाली

जेब पर बोझ. खाद्य सामग्री की कीमतों में उछाल घर का बजट बिगड़ा, सेहत पर भी असर जामताड़ा : महंगाई धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है़ सब्जी और अनाज की कीमतों में लगातार तेजी से मध्यम वर्गीय और निम्न वर्गीय परिवारों की हालात खराब कर दी है़ रोज कमाने खाने वाले की स्थिति ओर खराब हो […]

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जेब पर बोझ. खाद्य सामग्री की कीमतों में उछाल

घर का बजट बिगड़ा, सेहत पर भी असर
जामताड़ा : महंगाई धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है़ सब्जी और अनाज की कीमतों में लगातार तेजी से मध्यम वर्गीय और निम्न वर्गीय परिवारों की हालात खराब कर दी है़ रोज कमाने खाने वाले की स्थिति ओर खराब हो रही है़ उनकी थाली से हरी सब्जी धीरे-धीरे कम होती जा रही है़ दाल तो पहले ही पकड़ से दूर थी़ अब हरी सब्जी की जगह चना व आलू ने ले लिया है़ रोज सुबह क्या बने और जीवन गाड़ी कैसे चले इस पर चिंता में ही घर की महिला का आधा समय निकल जा रहा है़
मध्यम वर्गीय परिवार बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्च में इस कदर उलझाया है कि अगर घर के मुखिया कहीं बीमार पड़ गया या फिर कोई काम आ पड़ा तो घर का बजट गड़बड़ना तय है़ एक आकलन के मुताबिक एक मजदूर या रोज कमाने खाने वाले परिवार दो समय के भोजन पर 200-250 रुपये खर्च कर रहे है़ं बता दें कि मनरेगा मजदूर हो या कुशल मजदूर उसकी न्यूनतम मजदूरी 270 रुपये है़ यदि भोजन पर ही 250 रुपये तक खर्च हो जाये, तो अन्य बातों के लिए कुछ बचता ही नहीं है़
क्या कहती हैं गृहिणी
परिवार में चार सदस्य है़ महंगाई के कारण कई चीजें थाली से गायब हो रही है़ अब तो कई-कई दिन पर भोजन में दाल बनती है़ कभी-कभी तो बिना सब्जी के ही भोजन करना पड़ रहा है़
– पिंकी देवी, गृहिणी़
निजी विद्यालय में शिक्षिका हूं. 12-13 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन के रूप में मिलता है़ महंगाई इतनी बढ़ गयी है, अब परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है़ दो बच्चे है, उनकी शिक्षा-दीक्षा के साथ भोजन पर होने वाले खर्च का वहन करना मुश्किल साबित हो रहा है़ मजबूरन थाली में परोसे भोजन की पौष्टिकता के साथ समझौता करना पड़ रहा है़
– बिंदु कुमारी, शिक्षिका़
लगातर बढ़ रही महंगाई के कारण सच में थाली से हरी सब्जियां दूर हो रही है़ कमाई के हिसाब से प्रतिदिन हरी सब्जियां खाना मुश्किल है़ लेकिन हरी सब्जी के जगह आलू चना से काम निकाल लिया जा रहा है़
– पिंकी कुमारी, गृहणी
सब्जियां की कीमत
सब्जियां वर्तमान कीमत 15 दिन पहले की कीमत
परबल 40रु/ किलो 40 रु/ किलो
धनियां पत्ता 200-300रु/किलो 400रु/ किलो
नया आलू 30-32रु/ किलो 40रु/ किलो
पुराना आलू 10रु/ किलो 10रु/किलो
भिंडी 40 रु/ किलो 40 रु/ किलो
टमाटर 60रु/ किलो 80रु/किलो
हरी मिर्च 40रु/ किलो 60रु/ किलो
सही पोषण के लिए जरूरी कम से कम 2000 कैलोरी
सही पोषण के लिए महिला को प्रतिदिन 2000 कैलोरी एवं पुरुष को 2500 कैलोरी की जरूरत होती है़ यह कैलोरी दाल भात, रोटी सब्जी, दूध- दही, अंडा आदि से मिलता है़ अगर इतनी कैलोरी नहीं मिली, तो खासकर महिलाएं कुपोषण के शिकार हो जाती है़ एक थाली में दाल-भात, दो रोटी, दो हरी सब्जियां व पापड़ होनी चाहिये़ दूसरी एक सामान्य परिवार की बात करें तो कम से कम एक गरीब परिवार के पति-पत्नी व दो बच्चों सहित कुल चार सदस्य होते है़ं जिनका भोजन परिवार के मुखिया की कमाई पर निर्भर करता है़ उन्हें दिनभर की मेहनत के बाद 250-300 रुपये मिलते है़ं, जबकि एक परिवार को दो वक्त के भोजन बनाने में 200-250 रुपये खर्च होता है़ खुदा न खास्ते घर के मुखिया एक दिन बीमार पड़ जाये या फिर मौसम की मार से रोजगार नहीं मिला तो अगले दिन परिवार के भोजन पर आफत हो जायेगा़ पौष्टिक भोजन के अभाव में आमान्य लोगों की सेहत बिगड़ती जा रही है़
खाद्यान्न की कीमत
खाद्यान्न वर्तमान कीमत 15 दिन पहले की कीमत
उसना चावल 28रु/ किलो 25रु/किलो
उसना फाइन 35 रु/किलो 35रु/ किलो
अरवा प्लेन 25रु/किलो 28रु/किलो
कतरनी 40रु/ किलो 48 रु/किलो
मूंंग दाल 70रु/किलो 75रु/किलो
अरहर दाल 70रु/ किलो 75रु/किलो
कावली चना 120रु/ किलो 130रु/ किलो
आटा 25-26रु/किलो 24-25 रु/ किलो
सूजी 30रु/किलो 30रु/ किलो
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