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जमशेदपुर XLRI के डायरेक्टर फादर सबेस्टियन जॉर्ज एसजे बोले, फिफ्थ जेन टेक्नोलॉजी स्टार्टअप के लिए 480 मिलियन डॉलर का प्रावधान

Updated at : 13 Apr 2024 9:59 PM (IST)
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एक्सएलआरआई कॉन्फ्रेंस में उपस्थित एक्सपर्ट

एक्सएलआरआई कॉन्फ्रेंस में उपस्थित एक्सपर्ट

जमशेदपुर XLRI के डायरेक्टर फादर सबेस्टियन जॉर्ज एसजे ने कहा कि सरकार ने फिफ्थ जेन टेक्नोलॉजी स्टार्टअप के लिए 480 मिलियन डॉलर का प्रावधान किया है.

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जमशेदपुर: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शुरुआत 1950 के दशक में हुई थी. वर्तमान बजट में सरकार ने फिफ्थ जनरेशन टेक्नोलॉजी स्टार्ट अप के लिये 480 मिलियन डॉलर का प्रावधान किया है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग इंटरनेट ऑफ थिंग्स, 3-डी प्रिंटिंग और ब्लॉक चेन शामिल हैं. आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को लेकर एक मिथक है कि इससे नौकरी के अवसर कम होंगे, लेकिन ऐसी बात बिल्कुल नहीं है. इससे रोजगार पर किसी प्रकार का कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा, बल्कि इससे ह्यूमन लाइफ काफी आसान हो जाएगी. यह बातें एक्सएलआरआई के डायरेक्टर फादर सबेस्टियन जॉर्ज एसजे ने कहीं. वे एक्सएलआरआई में आयोजित डॉक्टोरल कोलोक्वियम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे.

एक्सएलआरआई में कॉन्फ्रेंस का समापन
तीन दिवसीय इस कोलोक्वियम में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एंड सस्टेनेबिलिटी विषय पर देश व दुनिया के विभिन्न हिस्से के विद्वानों ने पेपर प्रेजेंट किया. भारत समेत नेपाल, ओमान, स्पेन और यूके के कुल 117 पेपर जमा किए गये. जिसमें रिव्यू के बाद अंतिम रूप से कुल 62 पेपर प्रस्तुत हुआ. इसमें 19 डॉक्टोरल स्कॉलर एक्सएलआरआइ के जबकि अन्य 43 स्कॉलर देश व दुनिया के विभिन्न यूनिवर्सिटी व शिक्षण संस्थानों के थे.

पेपर प्रस्तुत करने वाले रिसर्चर पुरस्कृत
इस दौरान अंतिम रूप से बेहतर पेपर प्रस्तुत करने वाले रिसर्चरों को पुरस्कृत किया गया. एक्सएलआरआइ के डायरेक्टर फादर सबेस्टियन जॉर्ज एसजे ने कहा कि सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग, बिग डाटा इंटेलिजेंस, रियल टाइम डाटा और क्वांटम कम्युनिकेशन के क्षेत्र में शोध, प्रशिक्षण, मानव संसाधन और कौशल विकास को बढ़ावा देने के योजना बना रही है. साथ ही उन्होंने कहा कि उन्होंने एआइ से आने वाले दिनों में काफी चुनौतियां निकल कर सामने आने की बातों को भी रखा. वहीं, फादर डोनाल्ड डिसिल्वा एस.जे. ने तनाव से बचने के लिए काम और स्व-निवेश को संतुलित करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला. डॉ. संजय पात्रो ने सार्थक अनुसंधान की आवश्यकता पर बल दिया. साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को तेजी से उभरने वाला क्षेत्र बताया. उन्होंने उद्योग से एआई के विभिन्न उपयोग के मामलों और इसकी आवश्यकता के उदाहरण साझा किए.

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न्हें मिला पुरस्कार
ट्रैक- विजेता

  1. मार्केटिंग- कुमार रोहित ( आइआइएम विशाखापट्टनम )
  2. फाइनांस – मानिक चंद्रा डे ( फारिक मोहन यूनिवर्सिटी, बालासोर )
  3. ऑपरेशंस – सौमिता घोष ( एक्सएलआरआइ जमशेदपुर )
  4. ह्यूमन रिसोर्स एंड ऑर्गनाइजेशन बिहेवियर – साई नवीन ( श्री सत्य साई इंस्टीट्यूट ऑफ हायर लर्निंग )
  5. स्ट्रेटेजी – स्वाति अग्रवाल ( एक्सएलआरआइ जमशेदपुर )
  6. सस्टेनेबिलिटी एंड पॉलिसी – ऋषिका राज ( आइआइटी खड़गपुर )
  7. इंटरप्रेनोयिरशिप – केवल राममानी ( दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट, आगरा )
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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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