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Jamshedpur news.बालीडीह के आसपास पाये गये पंजों के निशान, कैमरे में कैद नहीं हुआ बाघ

Updated at : 03 Jan 2025 9:00 PM (IST)
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Jamshedpur news.बालीडीह के आसपास पाये गये पंजों के निशान, कैमरे में कैद नहीं हुआ बाघ

अब दूसरे जगहों पर लगेगा कैमरा, जनता से वन विभाग की अपील ‘बाघ अगर दिखे, तो तुरंत खबर करें’, सुवर्णरेखा नदी के आसपास के एरिया में विचरण करते हुए बाघ के आगे चले जाने का अंदेशा

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तुलग्राम, बालीडीह, खूंटी, कुरली, मुसरीबेड़ा, जुरगु, लखनासिंह घाटी व गिद्दीबेड़ा के लोगों को पास के जंगल में नहीं जाने की सलाह

Jamshedpur news. जमशेदपुर/चांडिल/चौका.

चांडिल प्रखंड के चौका थाना क्षेत्र के तुलग्राम गांव के वन क्षेत्र में बैल और बछड़े का शिकार करने वाले बाघ का कोई पता नहीं चल पाया है. बालीडीह के आसपास बाघ के पंजों के कई निशान जरूर पाये गये हैं. विभागीय विशेषज्ञों का मानना है कि बाघ उस एरिया से आगे निकल चुका है. अंदेशा जताया जा रहा है कि बाघ सुवर्णरेखा नदी के आसपास के एरिया में विचरण करते हुए आगे निकल गया है. अब वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि बाघ के दिखने पर तत्काल वन विभाग को सूचित करें. इसको लेकर रेंजर को भी लगातार वहां गश्ती करने को कहा गया है.

शिकार किया गया बैल के पास भी वापस नहीं आया बाघ

चांडिल प्रखंड के चौका थाना अंतर्गत तुलग्राम गांव के वन क्षेत्र में चार दिन बीत जाने के बाद भी वन विभाग की टीम बाघ का पता नहीं लगा पायी है, जिससे लोग डरे हुए हैं. यहां तक कि शिकार किया गया बैल के पास भी बाघ वापस नहीं आया. वन विभाग का कहना है कि बाघ के पदचिह्नों के अनुसार यह वह झाबरी काररुबेड़ा पहाड़ से पालना डैम होते हुए खूंटी व तुलग्राम के जंगल में आया था. वहां पर शिकार करने के बाद बालीडीह पहाड़ की ओर जाने का पदचिह्न देखा गया है. इससे वन विभाग की ओर से तुलग्राम, बालीडीह, खूंटी, कुरली, मुसरीबेड़ा, जुरगु, लखनासिंह घाटी, गिद्दीबेड़ा के पास के लोगों को जंगलों में न जाने की सलाह दी है. जंगल क्षेत्र में जगह जगह पर वन विभाग के कर्मियों द्वारा गश्ती की जा रही है.

ट्रैकिंग कैमरा में नहीं कैद हुआ बाघ, शिफ्ट हो गया कैमरा

वन विभाग द्वारा तुलग्राम जंगल में ट्रैकिंग कैमरा लगाकर बाघ की तलाश की जा रही है. वहीं अब तक बाघ कैमरे में कैद नहीं हो पाया है. वन विभाग अब दूसरे स्थान पर ट्रैकिंग कैमरा लगाने की तैयारी कर रही है.

शाम ढलते ही घरों में घुस जा रहे हैं ग्रामीण

अचानक क्षेत्र में बाघ द्वारा पालतु पशुओं पर हमला करने पर आस-पास के गावों के लोग डरे सहमे हुए हैं. तुलग्राम, खूंटी, बालीडीह, कुरली व मुसरीबेड़ा जंगल में लकड़ी चुनने व बकरी के लिए पत्ता लाने के लिए लोग नहीं जा रहे हैं. वहीं ठंड के कारण स्कूल पहले से बंद है. स्कूल छह जनवरी को खुलेगा. वर्तमान में स्कूली बच्चे भी अपने घरों में ही सुरक्षित हैं. इधर माना जा रहा है कि बाघ द्वारा शिकार किया गया बैल से अब बदबू आने लगेगा, जिससे बाघ इसे भोजन बनाने के लिए नहीं आ सकता है. अब बाघ की खोज के लिए वरीय पदाधिकारी के निर्देश पर वनकर्मी काम करेंगे.

आम लोगों से मदद ली जा रही है : डीएफओ

दलमा के डीएफओ सबा आलम अंसारी ने बताया कि मामले में आम लोगों से मदद ली जा रही है. इसे लेकर हर स्तर पर कोशिश की जा रही है. श्री अंसारी ने बताया कि कैमरे में बाघ कैद नहीं हुआ है. बाघ को अब पता करने के लिए अन्य इलाके में भी कैमरे लगाये जा रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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