TATA Motors Bonus: टाटा स्टील में बोनस समझौते के बाद टाटा मोटर्स में बढ़ी बेचैनी, जानें क्यों

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TATA Motors Bonus: एक ओर टाटा स्टील की कंपनियों में धड़ाधड़ बोनस समझौते हो रहे हैं. वहीं टाटा मोटर्स में वार्ता फेल हो गई. कर्मचारियों में बेचैनी बढ़ गई है.
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TATA Motors Bonus: टाटा स्टील और उससे जुड़ी कई अन्य कंपनियों में बोनस समझौते के बाद टाटा मोटर्स के कर्मचारियों में बेचैनी बढ़ गई है. टाटा मोटर्स प्रबंधन और यूनियन के बीच अभी तक बोनस समझौता नहीं हो पाया है. यूनियन ने प्रबंधन से 20 प्रतिशत बोनस की मांग की है. बुधवार को भी प्रबंधन के साथ यूनियन ने बैठक की, लेकिन अंतिम सहमति नहीं बन पाई.
टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन ने की 20 प्रतिशत बोनस की मांग
बुधवार को हुई बोनस समझौता वार्ता विफल हो गई. टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन ने प्रबंधन से 20 प्रतिशत बोनस देने की मांग की है, लेकिन प्रबंधन इतना बोनस देने को तैयार नहीं है. पिछली बार टाटा मोटर्स के कर्मचारियों को 11.5 प्रतिशत बोनस मिला था. टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन का कहना है कि कंपनी को इस बार अच्छा-खासा मुनाफा हुआ है. इसका लाभ कर्मचारियों को मिलना चाहिए.
2023 में कर्मचारियों को मिला था 11.5 प्रतिशत बोनस
टाटा मोटर्स में वर्ष 2023 में दुर्गा पूजा से पहले 11.5 प्रतिशत बोनस हुआ था. समझौते के तहत कर्मचारियों को औसतन 43500 रुपए बोनस के रूप में मिले थे. अधिकतम राशि 57900 रुपए और न्यूनतम 43000 रुपए थी. वर्ष 2022 में टाटा मोटर्स में 10.67 प्रतिशत बोनस और जमशेदपुर स्थित टाटा मोटर्स के प्लांट में कार्यरत 201 बाई सिक्स कर्मियों का स्थायीकरण किया गया था. कर्मियों को औसतन 38,200 रुपए और 51,500 रुपए बोनस मिले थे.
2005 तक मिलता था एकमुश्त सीलिंग बोनस
टाटा मोटर्स में वर्ष 2005 तक कर्मचारियों को एकमुश्त सीलिंग में बोनस (एकमुश्त राशि जो सभी ग्रेड के कर्मियों के लिए एक समान थी) मिलता था. उस समय कंपनी की मान्यताप्राप्त यूनियन टेल्को वर्कर्स यूनियन थी और महामंत्री दिवंगत मजदूर नेता गोपेश्वर थे. उन्होंने वर्षों से चली आ रही परंपरा को पहली बार वर्ष 2006 में तोड़ा और कर्मचारियों को 17.9 प्रतिशत बोनस दिलवाया.
टाटा मोटर्स में बोनस का इतिहास
| वित्तीय वर्ष | प्रतिशत | न्यूनतम राशि | अधिकतम राशि | बाईसिक्स कर्मी स्थायी |
| 2015–16 | 12.00 | 16,200 | 33,150 | 250 |
| 2016–17 | 10.00 | 17,893 | 36,018 | 301 |
| 2017–18 | 12.20 | 23,231 | 46,321 | 305 |
| 2018–19 | 12.90 | 19,000 | 49,000 | 306 |
| 2019–20 | 10.00 | 32,900 | 46,001 | 221 |
| 2020–21 | 10.60 | 38,200 | 50,200 | 281 |
| 2021–22 | 10.67 | 38,200 | 51,500 | 201 |
| 2022-23 | 11.50 | 43,000 | 57,900 | 355 |
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By Mithilesh Jha
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