ePaper

हाइकोर्ट की सख्ती का असर : दूसरी बार शताब्दी टावर सहित दो बिल्डिंग की बेसमेंट में बनी दुकानें तोड़ी गयी

Updated at : 01 Jun 2024 10:54 PM (IST)
विज्ञापन
हाइकोर्ट की सख्ती का असर : दूसरी बार शताब्दी टावर सहित दो बिल्डिंग की बेसमेंट में बनी दुकानें तोड़ी गयी

नक्शा विचलन मामले में हाइकोर्ट की सख्ती का असर दिख रहा है. जमशेदपुर अक्षेस की टीम लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई कर रही है.

विज्ञापन

जमशेदपुर :

नक्शा विचलन मामले में हाइकोर्ट की सख्ती का असर दिख रहा है. जमशेदपुर अक्षेस की टीम लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई कर रही है. शनिवार को साकची गोलचक्कर के समीप शताब्दी टावर और एसएनपी एरिया होल्डिंग नंबर 53 में एक बार फिर बेसमेंट में बनी दुकानों को मजदूरों की मदद से तोड़ा गया. 8 मई को भी जमशेदपुर अक्षेस की टीम ने साकची गोलचक्कर के समीप शताब्दी टावर के बेसमेंट में बने गोदामों और दुकानों को तोड़ा था. एसडीओ पारूल सिंह ने निरीक्षण के दौरान बेसमेंट में दो दुकानों के बचे रहने पर जमशेदपुर अक्षेस को इसे भी तोड़ने का आदेश दिया था. एसडीओ के आदेश पर साकची होल्डिंग नंबर 53 गिरीश कुमार तिवारी एवं अन्य के बेसमेंट और शताब्दी टावर के बेसमेंट में बची दो दुकानों को तोड़ा गया. इस दौरान बिल्डिंग के समीप चाय दुकान को भी तोड़ा गया.

बेसमेंट में बनी दुकानों को तोड़ने की कार्रवाई

हाइकोर्ट के आदेश पर 2011 में साकची में 46 इमारतों के बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर सील किये गये थे. बाद में भवन मालिकों ने बेसमेंट को पार्किंग में बदलने का हलफनामा देकर सील खुलवा ली, लेकिन, बेसमेंट में कारोबार जारी रहा. जनहित याचिका हाइकोर्ट में दाखिल होने पर जमशेदपुर अक्षेस ने पुन: बेसमेंट में बनी दुकानों, गोदामों को तोड़ना शुरू किया. इस दौरान भी बेसमेंट पूरी तरह से खाली नहीं हो सकी. धालभूम एसडीओ को हाइकोर्ट में इस मामले में शपथ पत्र दाखिल करना है. ऐसे में हाल के दिनों में जिन भवनों में बेसमेंट को खाली कराया है. वहां बची सभी दुकानों को फिर से तोड़ने की कार्रवाई की जा रही है.

आर्किटेक्ट और भवन मालिक को अब दाखिल करना होगा शपथ पत्र

जमशेदपुर . जमशेदपुर अक्षेस एरिया में अब नक्शा पास कराने के लिए आर्किटेक्ट और भवन मालिक को शपथ पत्र दाखिल करना होगा. शपथ पत्र में यह स्पष्ट करना होगा कि वे नक्शा के अनुसार भवनों का निर्माण करेंगे. नक्शा विचलन करने पर उनके खिलाफ जमशेदपुर अक्षेस कानूनी कार्रवाई करेगी. जिसके लिए भवन मालिक और आर्किटेक्ट दोषी होंगे. जमशेदपुर अक्षेस के उप नगर आयुक्त ने बताया कि बिल्डिंग बायलॉज के अनुसार व्यवसायिक इमारत के बेसमेंट या ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग होना अनिवार्य है. शहर के बिल्डर नक्शे में पार्किंग का प्रावधान तो करते हैं, लेकिन, इमारत का निर्माण करने के बाद बेसमेंट में पार्किंग की जगह दुकान या शोरूम बनाकर इसका व्यवसायिक प्रयोग शुरू कर देते हैं. इससे पार्किंग की समस्या विकराल हो जाती है. जमशेदपुर अक्षेस एरिया में विगत चार माह से मकान का नक्शा पास नहीं हो पा रहा है. जमशेदपुर अक्षेस नक्शा पास करने में दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है. विगत चार माह में 37 आवेदन जमा हुए, लेकिन 4 के ही नक्शा पास किये गये. जिसका असर जमशेदपुर अक्षेस के राजस्व पर भी पड़ा है. मई माह में नक्शा पारित होने से जमशेदपुर अक्षेस को मात्र 3 लाख 59 हजार रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ. पिछले साल इसी माह में जमशेदपुर अक्षेस को 24 लाख 24 हजार रुपये से ज्यादा राजस्व मिला था.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola