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Vishu Sendra Festival: ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ दलमा पहुंचे 2-3 हजार सेंदरा वीर, घने जंगलों में कूच करेंगे

Updated at : 05 May 2025 4:50 AM (IST)
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sendra festival

सेंदरा पर्व के लिए पहुंचे सेंदरा वीर. फोटो ऋषि तिवारी

Sendra Festival: दलमा बुरु सेंदरा समिति के आह्वान पर रविवार को पहाड़ के तलहटी गांव में सेंदरा वीरों का जुटान हुआ. झारखंड के कोल्हान समेत ओडिशा व बंगाल के दो-तीन हजार सेंदरा वीर शिकार पर्व को खेलने के लिए दलमा पहुंचे हैं. सेंदरा वीर गिपितीज टांडी (विश्राम स्थल) पर रात्रि विश्राम करने के बाद तड़के सुबह शिकार पर्व खेलने के लिए घने जंगल की ओर कूच करेंगे.

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Sendra Festival : दलमा बुरु सेंदरा समिति के आह्वान पर रविवार को पहाड़ के तलहटी गांव में सेंदरा वीरों का जुटान हुआ. रविवार को सुबह आठ बजे के बाद से ही सेंदरा वीरों का दलमा के तलहटी गांव फदलोगोड़ा, आसनबनी, जामडीह, पातीपानी, मिर्जा आदि गांव में आना शुरू हो गया था. देर शाम तक सेंदरा वीरों का आना जारी रहा. दूर-दराज के सेंदरा वीर पहले साइकिल में झूंड बनाकर आते थे. इस बार उनका ट्रेंड बदला है. वे दोपहिया व चार पहिया वाहनों में आते दिखे.

सेंदरा पर्व से पहले अस्त्र-शस्त्र की पूजा करते सेंदरा वीर. फोटो : ऋषि तिवारी

ओडिशा और बंगाल से भी आये हैं सेंदरा वीर

सेंदरा समिति के अनुसार, झारखंड के कोल्हान समेत ओडिशा व बंगाल के दो-तीन हजार सेंदरा वीर शिकार पर्व को खेलने के लिए दलमा पहुंचे हैं. सेंदरा वीर गिपितीज टांडी (विश्राम स्थल) पर रात्रि विश्राम करने के बाद तड़के सुबह शिकार पर्व खेलने के लिए घने जंगल की ओर कूच करेंगे.

ढोल-नगाड़े भी बजा रहे हैं सेंदरा वीर. फोटो : ऋषि तिवारी

दलमा ती तलहटी में मुस्तैद हैं दलमा राजा राकेश हेम्ब्रम

इधर, दलमा राजा राकेश हेम्ब्रम पहले से ही दलमा की तलहटी पर मुस्तैद हैं. वे सेंदरा वीरों का पल-पल की जानकारी ले रहे हैं. राकेश हेम्ब्रम ने कहा कि सेंदरा वीरों के सहयोग के लिए विभिन्न चेकनाका समेत जगह-जगह पर स्वशासन व्यवस्था के प्रमुख की अगुवाई में ग्रामीणों को लगाया गया है. किसी तरह की समस्या होने पर उनसे संपर्क करने को कहा गया है.

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पारंपरिक हथियारों की हुई पूजा

रविवार की सुबह को दलमा राजा राकेश हेम्ब्रम की अगुवाई में फदलोगोड़ा केनाल के पास पारंपरिक हथियार तीर-धनुष, बरछी, भाला व वाद्य यंत्रों की पूजा-अर्चना की गयी. वहीं जामडीह गांव में भी दलमा बुरु दिसुआ सेंदरा समिति के अध्यक्ष फकीर सोरेन के नेतृत्व में अस्त्र-शस्त्रों की पूजा-अर्चना की गयी. पूजा-अर्चना के दौरान सभी वन देवी-देवताओं के चरणों में नतमस्तक हुए. सेंदरा वीरों के ढोल व नगाड़ों की थाप पूरा माहौल सेंदरामय हो गया है.

दलमा की पहाड़ियों में पारंपरिक वाद्य यंत्र बजाते सेंदरा वीर. फोटो : ऋषि तिवारी

सामाजिक गतिविधियों पर मंथन आज

दलमा पहाड़ी के तलहटी पर सोमवार की दोपहर को आदिवासी सामाजिक, सांस्कृतिक व आर्थिक कई बिंदुओं चिंतन-मंथन होगा. राकेश हेम्ब्रम ने बताया कि इसमें स्वशासन व्यवस्था के प्रमुख देश परगना, परगना, माझी बाबा, समाजसेवी, सेंदरा वीर व अन्य शामिल होंगे.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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