ग्राम प्रधान से अभद्रता पर भड़का आक्रोश, आरोपी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई नहीं हुई तो 20 को धरना

जसकनडीह गांव के ग्रामीण एसएसपी व डीसी से शिकायत करने पहुंचे | Prabhat Khabar Network
जमशेदपुर में ग्राम प्रधान से अभद्रता करने वाले पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की मांग। आरोपी पर कार्रवाई न होने पर 20 जुलाई को ग्रामीणों ने धरना देने की चेतावनी दी है।
वरीय संवाददाता, जमशेदपुर
परसुडीह क्षेत्र अंतर्गत जसकनडीह गांव के पारंपरिक ग्राम प्रधान जगन्नाथ देवगम के साथ परसुडीह थाना के एक पुलिसकर्मी और उसके साथी द्वारा अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज व धमकी देने का एक गंभीर मामला सामने आया है. इस घटना से पारंपरिक ग्रामसभा और जसकनडीह के ग्रामीणों में भारी रोष है. इसके विरोध में बुधवार को ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने एसएसपी एवं डीसी को एक लिखित शिकायत सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि रविवार तक आरोपी पुलिसकर्मी पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाये. यदि प्रशासन ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर त्वरित कार्रवाई नहीं की, तो आगामी 20 जुलाई को जसकनडीह ग्रामसभा के बैनर तले जमशेदपुर अंचल कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय उग्र धरना-प्रदर्शन किया जायेगा.ज्ञापन में कहा गया है कि यह घटना 13 जुलाई की शाम करीब 4 बजे की है. परसुडीह थाना के पुलिसकर्मी मुकेश दुबे और उनके एक साथी ने ग्रामप्रधान जगन्नाथ देवगम को बुलनगोड़ा गांव के समीप बुलाया, जहां उनके साथ अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज की गयी. इस दौरान पुलिसकर्मी ने विवादित जमीन पर ग्रामसभा द्वारा लगाये गये बोर्ड को तुरंत हटाने की धमकी दी और कहा कि वे किसी ग्रामसभा या पेसा कानून को नहीं मानते हैं, क्योंकि पुलिस बल के पास असीमित शक्तियां हैं. पुलिसकर्मी ने चेतावनी दी कि यदि बोर्ड नहीं हटाया गया, तो वे ग्रामसभा के सदस्यों पर झूठा मुकदमा दर्ज करवा देंगे.
पुलिसिया धौंस के खिलाफ ग्रामीण गोलबंद
इस पूरे विवाद पर पारंपरिक ग्राम प्रधान जगन्नाथ देवगम ने बताया कि ग्रामसभा के फैसले सामूहिक होते हैं, न कि किसी व्यक्ति विशेष के. उन्होंने बताया कि संबंधित विवादित भूमि पर कई गंभीर विसंगतियां पाये जाने के बाद ही ग्रामसभा ने वहां अपना बोर्ड लगाया है. चूंकि भूमि विवाद का यह मामला पूरी तरह से जमशेदपुर अंचल कार्यालय के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए अंचल कार्यालय को ही हस्तक्षेप कर इस विवाद का प्रशासनिक समाधान निकालना चाहिए, न कि पुलिसिया बल का दुरुपयोग कर डराने-धमकाने का प्रयास होना चाहिए. ग्रामीणों का आरोप है कि उक्त पुलिसकर्मी किसी व्यक्ति विशेष को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से अपनी वर्दी का धौंस दिखा रहा है, लेकिन जसकनडीह ग्रामसभा ऐसी धमकियों से पीछे हटने वाली नहीं है. ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से जगन्नाथ देवगम, खुदीराम हांसदा, सुनील देवगम, डेमका सोय सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी शामिल थे.
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लेखक के बारे में
By दशमत सोरेन
दशमत सोरेन ने रांची विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर किया है. वे 29 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उनकी विशेषज्ञता मुख्य रूप से झारखंड की आदिवासी-मूलवासी राजनीति, स्थानीय समुदायों की भाषा-संस्कृति और यहां के सामाजिक ताना-बाना है. वे वर्ष 2010 से प्रभात खबर के साथ एक ट्राइबल रिपोर्टर के रूप में काम कर रहे हैं.
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