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Jharkhand Assembly Election: जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा सीट पर भाजपा-कांग्रेस की लड़ाई, मानगो में सड़क जाम बड़ा मुद्दा

Updated at : 17 Jul 2024 12:16 PM (IST)
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jharkhand assembly election 2024 jamshedpur west assembly constituency

जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा का रिपोर्ट कार्ड

Jharkhand Assembly Election: पूर्वी सिंहभूम जिले की जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा सीट पर भाजपा-कांग्रेस के बीच लड़ाई होती रही है. देखें पूरा रिपोर्ट कार्ड.

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Jharkhand Assembly Election|जमशेदपुर, संजीव भारद्वाज : जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा में रस्साकशी जारी है. 1967 से 2019 तक हुए 13 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पांच, कांग्रेस ने चार, सीपीआइ ने दो और जनता पार्टी व झामुमो ने एक-एक बार इस सीट पर जीत हासिल की है.

कांग्रेस के सी व्यास 1967 में बने जमशेदपुर पश्चिम के पहले विधायक

1967 में सबसे पहले इस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी सी व्यास ने जीत हासिल की थी, जबकि उसके बाद 1980 में मो शमशुद्दीन खान (कांग्रेस) और 2009 व 2019 में बन्ना गुप्ता ने इस सीट पर जीत हासिल की. यहा के विधायक बन्ना गुप्ता राज्य सरकार में स्वास्थ्य मंत्री हैं और कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में शुमार हैं.

2005 में विपक्ष में बिखराव का फायदा भाजपा को मिला, सरयू जीते

वर्ष 2005 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ विपक्ष ने जमशेदपुर की जमशेदपुर पश्चिमी सीट पर अलग-अलग प्रत्याशी उतारा था. इसका लाभ भाजपा प्रत्याशी सरयू राय को मिला था और वह यहां से जीते थे. इसके बाद के चुनाव में विपक्ष एकजुट रहा. 2009 में बन्ना गुप्ता ने कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की.

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2014 में सरयू राय ने बन्ना गुप्ता से छीन ली जमशेदपुर पश्चिम सीट

हालांकि, 2014 में भाजपा प्रत्याशी सरयू राय ने यह सीट बन्ना गुप्ता से छीन ली थी. 2019 में तत्कालीन मंत्री सरयू राय को यहां से टिकट नहीं मिला, तो वह जमशेदपुर पूर्वी से निर्दलीय चुनाव लड़े और चर्चित मुकाबले में मुख्यमंत्री व भाजपा प्रत्याशी रघुवर दास को हरा दिया था. जमशेदपुर पश्चिम का टिकट देवेंद्र सिंह को मिला. जिसे कांग्रेस प्रत्याशी बन्ना गुप्ता ने हराया था.

जमशेदपुर पश्चिम – 2009 विधानसभा चुनाव के परिणाम

उम्मीदवार का नामपार्टी का नामप्राप्त मत
बन्ना गुप्ताकांग्रेस55638
सरयू रायभाजपा52341

जमशेदपुर पश्चिम – 2014 विधानसभा चुनाव के परिणाम

उम्मीदवार का नामपार्टी का नामप्राप्त मत
सरयू रायभाजपा95346
बन्ना गुप्ताकांग्रेस84829

जमशेदपुर पश्चिम – 2019 विधानसभा चुनाव के परिणाम

उम्मीदवार का नामपार्टी का नामप्राप्त मत
बन्ना गुप्ताकांग्रेस96778
देवेंद्रनाथ सिंहभाजपा74195

गरीब-गुरबों की आवाज बन क्षेत्र का विकास किया : बन्ना गुप्ता

मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि वह पांच साल नि:स्वार्थ क्षेत्र में विकास कार्य किया. गरीब-गुरबों की जरूरतों को ध्यान में रखा. मानगो का पुल शहर के परिवहन को सुगम बनायेगा. एमजीएम अस्पताल में जल्द आम लोगों के लिए सेवा शुरू हो जायेगी. कोरोना काल में मरीजों का इलाज कैसा हो रहा है, वह देखने खुद जाते थे. जमशेदपुर को एक बेहतर शहर बनाने के लिए वे दिन-रात कार्य कर रहे हैं. कई योजनाएं धरातल पर उतर गयी हैं. कई जल्द उतरेगी. भाजपाइयों का काम सिर्फ आरोप- लगाना है.

क्षेत्र का जितना विकास होना चाहिए था, वह नहीं हुआ. सिर्फ छोटी-छोटी योजनाओं के शिलान्यास को यदि विकास कहा जाता है, तो फिर यह परिभाषा ठीक है. पांच साल पूरी ताकतवाली सरकार में कोई बड़ा काम नहीं हुआ.

आलोक कुमार, सोनारी

विकास का सब्जबाग दिखा रहे हैं बन्ना गुप्ता : देवेंद्र सिंह

2019 के विधानसभा चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे भाजपा नेता देवेंद्र सिंह ने कहा कि मंत्री बन्ना गुप्ता ने जमशेदपुर पश्चिम की जनता को ठगने का काम किया है. बन्ना गुप्ता ने कदमा और आसपास बड़े प्लॉट व भूखंड को निजी हित में ले लिया. मुख्य सड़क को बंद कर दिया. इसे लेकर विवाद हो रहा है. एमजीएम अस्पताल में कोरोना के दौरान क्या स्थिति रही, यह किसी से छिपी हुई नहीं है. कोरोना काल में वह कहां थे, किसी ने नहीं देखा. मानगो पुल निर्माण को लेकर लगातार अपनी पीठ थपथपाने वाले बन्ना गुप्ता को शायद यह नहीं मालूम कि यदि योजना मुकम्मल होती है, तो मानगो के लोगों को इतनी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. बन्ना गुप्ता ने अपने कार्यकाल में सिर्फ विवादों को जन्म दिया.

एक कार्यकाल में कोई भी जनप्रतिनिधि बड़ी योजनाओं को धरातल पर नहीं उतार सकता है. उन्हें कम से कम दो कार्यकाल जरूरी है. शहर के लिए मानगो का पुल बड़ा प्रोजेक्ट है. इसके पूरा होने से जाम से मुक्ति मिलेगी.

संतोष पांडेय, उलीडीह

एक्सपर्ट बोले – नागरिक सुविधाओं से वंचित हैं क्षेत्र के मतदाता

सोनारी के प्रेम कहते हैं कि पिछले पांच साल में स्थिति तो जस की तस ही लग रही है. हालात सिर्फ उन्हीं के बदले हुए दिख रहे हैं, जो सत्ता के करीब हैं. बाकी में परिवर्तन तो नहीं दिखा. कुछ शिलान्यास व उद्घाटन जरूर हुए हैं. विधि-व्यवस्था की स्थिति किसी से छिपी हुई नहीं है, जिस दिन पुलिस सबसे अधिक चौकन्नी रहती है, उसी दिन सोने-चांदी की दुकान लूट ली जाती है. नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं. लोग नागरिक अधिकार से वंचित हैं. हालात ऐसे हैं कि सक्षम लोग प्रॉब्लम पैदा करते दिख रहे हैं. दोमुहानी में आज भी कचरा जल रहा है, देखनेवाला कोई नहीं है.

मानगो में कई समस्याएं हैं. आजादनगर में एक अस्पताल की मांग की जा रही थी, लेकिन नहीं बन पाया. डिमना चौक के आगे एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में बनाये जा रहे अस्पताल से आजादनगर वासियों कोई खास लाभ नहीं होगा.

एकराम खान, ओल्ड पुरुलिया रोड

जमशेदपुर पश्चिमी विधानसभा के मुद्दे : मानगो में नहीं बन पाया फ्लाई ओवर

मानगो के लोग एक दशक से रोड जाम का सामना कर रहे हैं. यहां के लोगों को टाउनशिप इलाके में कामकाज के लिए आने-जाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. जाम में एंबुलेंस के फंसने के कारण मरीजों की जान बचानी मुश्किल हो जाती है. वहीं, एनएच-33 पर पारडीह से लेकर बालीगुमा तक एलिवेटेड पुल का प्रस्ताव तैयार हुआ है. कई बार डिजाइन में बदलाव हुआ. पर आजतक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया. मानगो में फ्लाई ओवर का निर्माण काम शुरू हो चुका है. यह कब तक बन कर तैयार होगा, यह कहना मुश्किल है. इसके निर्माण को लेकर बन्ना गुप्ता-सरयू राय के बीच बयानबाजी चलती रहती है.

सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज और मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का अभाव

इस विधानसभा क्षेत्र के लोगों को चिकित्सा और उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ रहा है. अमूमन ढाई सौ करोड़ रुपये शिक्षा और तीन सौ करोड़ रुपये लोग दूसरे राज्यों में जाकर इलाज पर खर्च करते हैं. यहां सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज और मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का अभाव है. लोग सर्दी-खांसी तक का ही शहर में इलाज करा पाते हैं. गंभीर बीमारी की पुष्टि होते ही लोग कोलकाता, भुवनेश्वर व चेन्नई का रुख कर लेते हैं. इन दोनों मुद्दों का आज तक समाधान नहीं निकल पाया. जबकि क्षेत्र के विधायक राज्य सरकार में स्वास्थ्य मंत्री हैं.

जमशदेपुर पश्चिमी विधानसभा के अब तक के विधायक

चुनाव का वर्षविधायक का नामपार्टी का नाम
1967सी व्यासकांग्रेस
1969सुनील मुखर्जीसीपीआइ
1972रामअवतार सिंहसीपीआइ
1977मो अयूब खानजनता पार्टी
1980मो शमसुद्दीन खानकांग्रेस
1985मृगेंद्र प्रताप सिंहभाजपा
1990हसन रिजवीझामुमो
1995मृगेंद्र प्रताप सिंहभाजपा
2000मृगेंद्र प्रताप सिंहभाजपा
2005सरयू रायभाजपा
2009बन्ना गुप्ताकांग्रेस
2014सरयू रायभाजपा
2019बन्ना गुप्ताकांग्रेस

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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