जमशेदपुर में इलाज के दौरान सन्नी पुष्टि की मौत, मुआवजा के लिए परिजनों का हंगामा

जमशेदपुर के भुइयांडीह छायानगर के सन्नी पुष्टि. फोटो: प्रभात खबर
Jamshedpur News: जमशेदपुर में चापड़ और गोली से घायल सन्नी पुष्टि की इलाज के दौरान मौत हो गई. परिजनों ने टीएमएच में हंगामा कर 50 लाख मुआवजा और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की. एक आरोपी ने कोर्ट में सरेंडर किया. पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और जांच जारी है. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.
जमशेदपुर से श्याम झा की रिपोर्ट
Jamshedpur News: झारखंड के जमशेदपुर स्थित भुइयांडीह छायानगर में गोली और चापड़ से घायल जगन्नाथ पुष्टि उर्फ सन्नी पुष्टि की गुरुवार को टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में इलाज के दौरान मौत हो गई. सन्नी पिछले कई दिनों से अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा था. उसकी मौत की खबर मिलते ही परिजन और बस्ती के लोग अस्पताल पहुंच गए.
परिजनों का हंगामा, मुआवजे की मांग
सन्नी की मौत के बाद गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने टीएमएच परिसर में हंगामा शुरू कर दिया. उन्होंने हमलावरों की जल्द गिरफ्तारी और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की. परिजन 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग पर अड़े रहे. करीब दो घंटे तक अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा.
पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही सीतारामडेरा थाना प्रभारी आनंद मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने परिजनों को समझाने और स्थिति को शांत करने का प्रयास किया. काफी मशक्कत के बाद मामला नियंत्रित किया जा सका. पुलिस ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
परिजनों के अनुसार सन्नी पुष्टि ही परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य था. उसकी मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है. आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर थी, ऐसे में अब परिवार के सामने जीवन यापन का संकट खड़ा हो गया है. परिजनों ने सरकार से आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है.
इलाज का भारी-भरकम बिल बना चिंता
जानकारी के अनुसार टीएमएच में सन्नी के इलाज का बिल करीब 1.09 लाख रुपये हो गया है. परिवार इस रकम को चुकाने में असमर्थ है. परिजनों ने प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन से बिल माफ करने की मांग की है. उनका कहना है कि इतनी बड़ी रकम देना उनके बस की बात नहीं है.
विधायक के हस्तक्षेप से सुलझा मामला
घटना के बाद मृतक के परिजनों ने स्थानीय विधायक पूर्णिमा साहू से मुलाकात की. विधायक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए टीएमएच प्रबंधन से बातचीत की. उनके प्रयास से शव परिजनों को सौंपा गया. इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
आरोपी ने किया कोर्ट में सरेंडर
इस मामले में नामजद आरोपी अभिषेक सिंह ने गुरुवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया. सूचना मिलने पर पुलिस भी कोर्ट पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी अपने वकील के साथ अदालत में प्रवेश कर चुका था. कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.
क्या है पूरा मामला
दरअसल, 31 अक्टूबर को सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के भुइयांडीह छायानगर में सन्नी पुष्टि और उसके साथी नंदू लोहार पर कुछ युवकों ने गोली और चापड़ से हमला किया था. इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इलाज के बाद नंदू लोहार को छुट्टी मिल गई थी, जबकि सन्नी का इलाज जारी था.
कई आरोपियों पर पहले ही कार्रवाई
इस मामले में नंदू लोहार के बयान पर कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पहले ही करण वर्मा, निर्भय सिंह उर्फ छोटका, कुणाल मुंडा उर्फ छिल्ला और मुन्ना को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. उनके पास से एक देशी कट्टा और तीन चापड़ भी बरामद किए गए थे.
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बाकी आरोपियों को जल्द किया जाएगा गिरफ्तार
पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा. सन्नी पुष्टि की मौत के बाद इस केस की गंभीरता और बढ़ गई है. प्रशासन पर अब तेजी से कार्रवाई करने का दबाव भी बढ़ता जा रहा है.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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