jamshedpur news : जुगाड़ और फ्रूगल इनोवेशन को सामाजिक भलाई के लिए उपयोग करें : नवी राजू

Published by : AKHILESH KUMAR Updated At : 16 Jan 2026 1:36 AM

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जमशेदपुर (फाइल फोटो)

एक्सएलआरआइ में तीसरे अंतरराष्ट्रीय एथिक्स कॉन्फ्रेंस का आयोजन

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एक्सएलआरआइ में तीसरे अंतरराष्ट्रीय एथिक्स कॉन्फ्रेंस का आयोजन

jamshedpur news :

एक्सएलआरआइ में जेआरडी टाटा फाउंडेशन फॉर बिजनेस एथिक्स की ओर से 9 से 11 जनवरी तक तीन दिवसीय तीसरा अंतरराष्ट्रीय एथिक्स कॉन्फ्रेंस 2026 का आयोजन किया गया. इस कॉन्फ्रेंस में रीइमैजिनिंग बिजनेस एंड लीडरशिप : एथिक्स, सस्टेनेबिलिटी एंड द फ्यूचर ऑफ रिस्पॉन्सिबल ग्रोथ (व्यापार और नेतृत्व की पुनर्कल्पना : नैतिकता, स्थिरता और जिम्मेदार विकास का भविष्य) थीम पर मंथन किया गया. देश-विदेश से आये शिक्षाविदों, इंडस्ट्री के एक्सपर्ट, रिसर्चर, छात्रों और प्रोफेशनल्स ने इसमें हिस्सा लिया. सम्मेलन में कीनोट भाषण, पैनल चर्चाएं, लीडरशिप वर्कशॉप, शोध पत्र प्रस्तुतियां और फायरसाइड स्टोरी टेलिंग सत्र आयोजित हुए. प्रसिद्ध विचारक नवी राजू ने जुगाड़ और फ्रूगल इनोवेशन को सामाजिक भलाई के लिए जिम्मेदारी से अपनाने पर बल दिया.

वहीं, डॉ. प्रसाद काइपा ने नेतृत्व को स्मार्ट से वाइज बनने की यात्रा में आत्मचिंतन और नैतिक चेतना को अनिवार्य बताया. उन्होंने कहा कि स्मार्ट होने के बजाय वाइज बनने में नैतिक जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण है. समापन सत्र में डॉ फादर जोसेफ मैथ्यू, एसजे ने कहा कि संस्थान नैतिक, सामाजिक रूप से जागरूक और मानवीय मूल्यों से लैस नेतृत्व तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है. इसमें मुख्य रूप से मानव-केंद्रित और नैतिक नेतृत्व, संसाधन-संकट की दुनिया में फ्रूगल इनोवेशन और सतत विकास और समावेशी विकास और व्यापारिक मूल्यों के नये क्षितिज पर चर्चा हुई.

लीडरशिप नैतिक विवेक और ईमानदारी से उभरती है : डायरेक्टर

कॉन्फ्रेंस की शुरुआत डीन एडमिनिस्ट्रेशन डॉ फादर डोनाल्ड डीसिल्वा एसजे के स्वागत उद्बोधन से हुई. मौके पर एक्सएलआरआइ के डायरेक्टर डॉ फादर जॉर्ज सेबास्टियन एसजे ने कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करते हुए बल दिया कि सच्चा नेतृत्व आक्रामक प्रतिस्पर्धा से नहीं, बल्कि करुणा, नैतिक विवेक और ईमानदारी से उभरता है. डीन एकेडमिक्स डॉ संजय पात्रो और जेआरडी टाटा फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ फादर जोसेफ मैथ्यू, एसजे ने मुख्य वक्ताओं का स्वागत किया.

अर्थव्यवस्था मजबूत करने के लिए महिलाओं को आगे लाने पर बल

इस कॉन्फ्रेंस के दौरान आदिवासी अर्थव्यवस्था, सामुदायिक नेतृत्व, महिला सशक्तीकरण, कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य और समावेशी विकास जैसे विषयों पर चर्चा हुई. इस दौरान बताया गया कि आदिवासी समाज के आर्थिक विकास में महिलाओं की भागीदारी काफी बेहतर है. इससे सबक लेने पर बल दिया गया. कहा कि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए महिलाओं को आगे लाना होगा. इस दौरान कुल 100 से अधिक रिसर्च पेपर प्रस्तुत हुए, जिनमें से 22 पेपर प्रेजेंट किये गये. श्रेष्ठ एब्सट्रैक्ट पुरस्कार अर्पिता साहू, पंकज कुमार, डॉ अभिजीत रॉय, अनुष्का अग्निहोत्री और अमित कुमार मोडक को दिया गया. कॉन्फ्रेंस में 8 आमंत्रित वक्ता और 80 से अधिक प्रतिभागियों ने हाइब्रिड मोड में हिस्सा लिया.

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