jamshedpur news : छात्रों को सजा नहीं, व्यवहार में लाएं सुधार : प्रीति सिन्हा
Updated at : 01 Mar 2026 12:40 AM (IST)
विज्ञापन

जमशेदपुर (फाइल फोटो)
गुलमोहर हाइस्कूल में 'कक्षा अनुशासन एवं सकारात्मक व्यवहार प्रबंधन' पर हुई कार्यशाला
विज्ञापन
गुलमोहर हाइस्कूल में ”कक्षा अनुशासन एवं सकारात्मक व्यवहार प्रबंधन” पर हुई कार्यशाला
प्राचार्य ने शिक्षकों को अनुशासन की जगह आत्म-नियंत्रण की दी सीख
jamshedpur news :
टेल्को स्थित गुलमोहर हाइस्कूल में ”कक्षा अनुशासन एवं सकारात्मक व्यवहार प्रबंधन” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित हुई. प्राचार्या प्रीति सिन्हा ने इसका संचालन किया, जिसमें 85 शिक्षक शामिल हुए. हाल ही में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंस (निम्हान्स) से मानसिक स्वास्थ्य प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्होंने शोध-आधारित जानकारी साझा की. उन्होंने कहा कि छात्रों को किसी गलती के लिए सजा देने की जगह उनके व्यवहार में सुधार लाने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होती है. उन्होंने बताया कि विद्यालय ने दंडात्मक व्यवस्था के बजाय निवारक व सुधारात्मक दृष्टिकोण पर आधारित बहु-स्तरीय मानसिक स्वास्थ्य मॉडल लागू किया है. नर्सरी से 12वीं तक लाइफ स्किल्स शिक्षा अनिवार्य की गयी है तथा ”हैप्पीनेस चेकलिस्ट” शुरू की गयी है. अनुचित व्यवहार पर दंड के स्थान पर ”व्यवहार सुधार प्रपत्र” भरवाया जाता है. गंभीर मामलों के लिए काउंसेलिंग रेफरल प्रणाली भी लागू है. कार्यशाला के दौरान शिक्षकों को सिखाया गया कि अनुशासन का अर्थ नियंत्रण नहीं, बल्कि आत्म-नियंत्रण सिखाना है. सत्र के बाद शिक्षकों और परामर्शदाताओं ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे अब छात्रों की समस्याओं को अधिक प्रभावी और संवेदनशील ढंग से संभालने में सक्षम महसूस कर रहे हैं. प्राचार्या ने जोर देकर कहा कि कोविड के बाद बच्चों में बढ़ती चिंता को देखते हुए दंडात्मक पद्धति के स्थान पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना समय की मांग है.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




