Jharkhand Crime News: जमशेदपुर में पुलिस कर्मी कर रहे हैं पानी चोरी, दे रहे हैं अजीबोगरीब तर्क

Edited by Sameer Oraon
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जमशेदपुर के गोलमुरी पुलिस लाइन के इन फ्लैटों में रहने वाले पुलिस कर्मी न केवल चोरी का पानी पी रहे हैं, बल्कि पानी के प्रेशर के लिए मोटर भी लगा रखा है. चोरी के पानी मामले की जानकारी मिलने पर प्रभात खबर की टीम गोलमुरी पुलिस लाइन पहुंची

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Jharkhand News, Jamshedpur News जमशेदपुर: जिनके ऊपर चोरी और अपराध रोकने की जिम्मेदारी है, वे पानी चोरी का पी रहे हैं. हम बात कर रहे गोलमुरी पुलिस लाइन में रहने वाले पुलिस कर्मियों की. अब इसे मजबूरी कहें या सीनाजोरी, लेकिन आप इन तस्वीरों को देखकर समझ जायेंगे कि क्या पाइप लाइन का कनेक्शन किसी के घर में इस तरह से जाता है?

गोलमुरी पुलिस लाइन के इन फ्लैटों में रहने वाले पुलिस कर्मी न केवल चोरी का पानी पी रहे हैं, बल्कि पानी के प्रेशर के लिए मोटर भी लगा रखा है. चोरी के पानी मामले की जानकारी मिलने पर प्रभात खबर की टीम गोलमुरी पुलिस लाइन पहुंची और स्थिति को कैमरे में कैद किया. पानी चोरी करने के मामले में जब टीम पुलिस कर्मियों और उनके परिवार से बात की, तो कई लोगों ने चोरी के कनेक्शन को स्वीकार किया (अपना नाम बताने से इनकार किया), लेकिन कई बिल आने का हवाले देते रहे, हालांकि, वे कनेक्शन और बिल का कोई प्रमाण नहीं दिखा पाये.

इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों से बात करने पर वे चुप्पी साध रहे हैं और बातों को गोल-मोल घुमा कर स्पष्ट जानकारी नहीं दे रहे हैं. जिस पाइप लाइन से पानी की चोरी हो रही है वह टाटा स्टील यूटिलिटी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेस (पूर्व में जुस्को) की है. कंपनी की ओर से भी इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गयी है. वहीं सार्जेंट मेजर रंजीत कुमार से पूछने पर कहा कि ऐसा कोई मामला नहीं है. अगर ऐसा होता, तो जुस्को की ओर से शिकायत की जाती.

खुद की व्यवस्था जर्जर, इसलिए चोरी

पानी चोरी करने का तर्क भी अजीब है. दरअसल पुलिस लाइन के फ्लैटों में पानी की व्यवस्था के लिए बोरिंग भी है और मोटर भी लगा है. लेकिन जुस्को की पाइप लाइन से अवैध कनेक्शन लेने वालों का तर्क है कि अपनी व्यवस्था जर्जर हो चुकी है. इस बोरिंग से पानी गंदा आता है. पुलिस कर्मियों ने अपनी व्यवस्था में सुधार कराने की बजाय जुस्को की पाइपलाइन से पानी चोरी करना ही मुनासिब समझा. गोलमुरी पुलिस केंद्र में आरक्षियों के लिए करीब 256 क्वार्टर हैं, जबकि पुलिस पदाधिकारियों के लिये 120 क्वार्टर हैं. यहां पुलिस कर्मी और उनके परिवार रहते हैं.

उपयोग से ज्यादा बर्बाद होता है पानी

अवैध और गलत ढंग से पाइप को पंचर कर पाइप जोड़ने की वजह से पानी उपयोग होने से ज्यादा बर्बाद हो रहा है. पानी की बर्बादी का नजारा गोलमुरी पुलिस लाइन (सीतारामडेरा थाना की ओर से) के गेट से सीतारामडेरा बिरसा स्पोर्टिंग क्लब तक देखा जा सकता है. चौबीस घंटे पानी का बहाव होता है. हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है. ऐसे में पुलिस कर्मी न केवल पानी की चोरी कर रहे हैं बल्कि उनके अवैध कनेक्शन से उससे ज्यादा पानी की बर्बादी हो रही है.

पाइपलाइन से ऐसे हो रही पानी की चोरी

पुलिस लाइन में फ्लैट के बाहर से अव्यवस्थित तरीके से ऊपर की ओर जा रही पाइप लाइन चोरी की है. सीतारोमडेरा थाना के सामने से गुजर रही जुस्को की पाइप लाइन को पंचर कर कई अवैध कनेक्शन जोड़े गये है. यहां पाइप से पानी सातवें और आठवें तल्ले तक पहुंच पाये, इसके लिए चोरी के कनेक्शन में मोटर भी लगा दिया गया है.

दो में चलता है एक ही लिफ्ट

पुलिस केंद्र में आरक्षियों के लिए जी प्लस आठ तीन बिल्डिंग बनायी गयी है. सभी बिल्डिंग में दो-दो लिफ्ट लगाये गये हैं. लेकिन दो बिल्डिंग में सिर्फ एक ही लिफ्ट काम करता है. एक लिफ्ट कई दिनों से बंद पड़ा है.

बंद पड़ा है बाल पुस्तकालय

पुलिस केंद्र में वर्ष 2019 में तत्कालीन एसएसपी अनूप बिरथरे ने बाल पुस्तकालय की शुरुआत की थी. मकसद था बच्चों के पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी पुलिस केंद्र में किया जा सके. लेकिन बाल पुस्तकालय पिछले कई माह से बंद है. बीच-बीच में साफ सफाई के लिए पुस्तकालय को खोला जाता है.

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लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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