Jamshedpur News : समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो एक-दो दिनों में ट्रक मालिक व मजदूर देंगे महाधरना

Updated at : 11 Aug 2025 1:07 AM (IST)
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Jamshedpur News : समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो एक-दो दिनों में ट्रक मालिक व मजदूर देंगे महाधरना

जिले में 50-60 सीएफटी या उससे कम मात्रा के माइनिंग चालान को लेकर की जा रही कार्रवाई के विरोध में बालू-गिट्टी ढोने वाले ट्रक मालिक और मजदूर पिछले आठ दिनों से सामूहिक हड़ताल पर हैं.

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बालू-गिट्टी ढोने वाले ट्रकों के मालिकों व मजदूरों का हड़ताल 8वें दिन भी जारी

आठ दिन से ठप है दो हजार 407 ट्रकों का परिचालन, 10,000 मजदूर व परिवार प्रभावित

चार दिन पूर्व जनप्रतिनिधियों को डीसी से मिला था आश्वासन, लेकिन समाधान नहीं हुआ

Jamshedpur News :

जिले में 50-60 सीएफटी या उससे कम मात्रा के माइनिंग चालान को लेकर की जा रही कार्रवाई के विरोध में बालू-गिट्टी ढोने वाले ट्रक मालिक और मजदूर पिछले आठ दिनों से सामूहिक हड़ताल पर हैं. रविवार को भी कोई समाधान नहीं निकल सका. इस हड़ताल के कारण दो हजार 407 ट्रकों का परिचालन ठप है, जिससे करीब 10,000 मजदूर और उनके परिवार प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हैं.

चार दिन पहले जमशेदपुर सप्लाई एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय और पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता से मिला था. दोनों ने इस मुद्दे पर उपायुक्त (डीसी) से चर्चा की थी और डीसी ने बीच का रास्ता निकालने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है. एसोसिएशन के अध्यक्ष राणा प्रताप सिंह ने कहा कि प्रशासन की उदासीनता के कारण मजदूरों, राजमिस्त्री, कुली, रेजा और हेल्पर जैसे दिहाड़ी श्रमिकों के सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सोमवार तक प्रशासन ने निर्णय नहीं लिया तो मंगलवार या बुधवार से जिला मुख्यालय पर महाधरना दिया जायेगा. इसके बाद की स्थिति की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी.

हड़ताल से ये हो रहे सीधे प्रभावित

हड़ताल से ट्रक चालकों और प्रति ट्रक 4-5 स्टाफ के अलावा रेजा, कुली, हेल्पर, कॉर्पोरेट कंपनियां, सरकारी योजनाओं के निर्माण कार्य और आम लोगों की जरूरतें प्रभावित हो रही हैं.

विवाद की जड़

झारखंड राज्य खनिज विकास निगम (जेएसएमडीसी) के आदेश के तहत बड़े वाहनों से बालू को साइट पर उतारने के बाद मोहल्लों और संकरी गलियों में ले जाने के लिए छोटे 407 ट्रकों का उपयोग किया जाता है. लेकिन 50-60 सीएफटी का चालान देने का प्रावधान नहीं है. इसका फायदा उठाकर पुलिस, प्रशासन और विभागीय अधिकारी चालकों और मालिकों से कथित रूप से भयादोहन करते हैं. बड़े वाहन का वैध चालान होने के बावजूद छोटे ट्रक चालकों पर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी जाती है और कई मामलों में केस दर्ज किये गये हैं.

आंदोलन की रणनीति

रविवार को हड़ताल के आठवें दिन मानगो गांधी मैदान में एसोसिएशन की बैठक हुई, जिसमें आगे की रणनीति तय की गयी. सभी ट्रक मालिकों ने आंदोलन को अनुशासित तरीके से जारी रखने का निर्णय लिया और एक-दूसरे से सुझाव साझा किये.

एसोसिएशन का कहना है कि यह केवल ट्रक मालिक–मजदूरों का मुद्दा नहीं, बल्कि जिले की निर्माण गतिविधियों और आम जनता की आवश्यकताओं से जुड़ा मामला है, इसलिए प्रशासन को तत्काल समाधान निकालना चाहिए.

वर्जन…

माइनिंग चालान के नाम पर प्रताड़ित होने से परेशान बालू-गिट्टी ढोने वाले ट्रकों के मालिकों व मजदूरों के हड़ताल को समाप्त कराने में प्रशासन कोई रुचि नहीं दिखा रहा है, जो खेदजनक है. इस कारण मजबूरन ट्रक मालिक, स्टाफ व मजदूरों के साथ जिला मुख्यालय पर जल्द महाधरना देने का निर्णय लिया गया है.

राणा प्रताप सिंह, अध्यक्ष, जमशेदपुर सल्पाई एसोसिएशनB

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